बड़ी खबर: बिहार में फर्जी शिक्षकों को खानी होगी जेल की हवा, निगरानी विभाग की जांच में खुली पोल!..

Ritu Raj

बिहार में शिक्षा विभाग ने फर्जी तरीके से नियुक्त शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के इस फैसले के तहत ऐसे शिक्षकों की नौकरी समाप्त की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है, जिसमें जेल की सजा तक शामिल है।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच में बड़ी संख्या में गड़बड़ियां सामने आई हैं। हजारों शिक्षकों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं, जिससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। जांच के दौरान 2006 से 2015 के बीच नियुक्त शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें सबसे अधिक फर्जी नियुक्तियों के मामले नालंदा जिले में मिले, जहां लगभग 165 एफआईआर दर्ज हुई हैं। इसके बाद मधुबनी में 145 और अररिया में केवल 4 मामले सामने आए हैं। इस जांच में कुल 2953 शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है। इन शिक्षकों ने वेतन और मानदेय के रूप में करीब 1400 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। अब सरकार इनसे यह राशि वसूलने की तैयारी कर रही है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

जांच में यह भी सामने आया कि कई शिक्षकों ने गैर-मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री ली थी। कुछ मामलों में एक ही डिग्री के आधार पर अलग-अलग जगहों पर नौकरी ली गई, जबकि कुछ ने दूसरों के नाम या रोल नंबर का इस्तेमाल किया। इसके अलावा फर्जी मार्कशीट, डुप्लीकेट सर्टिफिकेट और बिना मान्यता वाले विश्वविद्यालयों की डिग्रियों का भी उपयोग किया गया। अब शिक्षा विभाग ऐसे सभी मामलों में सेवा समाप्ति, पैसे की वसूली और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

Share This Article