हाजीपुर(वैशाली)। बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। बुधवार की सुबह तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से 13 वर्षीय छात्रा अंजू कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और उन्होंने हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-22) को जाम कर उग्र प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की, कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ चालकों के साथ मारपीट भी की। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक दुर्घटना काजीपुर थाना क्षेत्र के धोबघटी के पास हुई। मृतक छात्रा अंजू कुमारी, जो काजीपुर थाना क्षेत्र के धोबघटी गांव निवासी नरेश शर्मा की बेटी थी, हर दिन की तरह बुधवार की सुबह भी कोचिंग से पढ़ाई कर घर लौट रही थी। इसी दौरान, तेज गति से आ रही एक बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंजू की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में और भी आक्रोश फैल गया।
चार घंटे तक एनएच-22 पर हंगामा
छात्रा की अचानक हुई मौत से गुस्साए ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-22) को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की, टायर जलाए और उग्र विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, उन्होंने कई वाहनों में तोड़फोड़ की और कुछ चालकों की पिटाई भी कर दी। लगभग चार घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस दौरान, स्कूल बसें, एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी फंसे रहे, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन गुस्सा इतना ज्यादा था कि लोग मानने को तैयार नहीं थे। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि बस चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धीरे-धीरे हालात काबू में आए और पुलिस ने यातायात को सुचारू रूप से चालू करवाया।
न्याय और मुआवजे की मांग
स्थानीय लोग और मृतका के परिजन पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषी बस चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर जल्द से जल्द इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे आगे भी आंदोलन करेंगे।
अक्सर होते हैं ऐसे हादसे, प्रशासन बना रहता है लापरवाह
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ध्यान नहीं देता। सड़क पर पर्याप्त यातायात व्यवस्था नहीं होने और पुलिस की लापरवाही के कारण ऐसे हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। गांव वालों की मांग है कि इस क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, यातायात पुलिस की तैनाती की जाए और सड़क सुरक्षा के नियमों को कड़ाई से लागू किया जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में उचित जांच की जा रही है और दोषी बस चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही, इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने पर विचार कर रहा है। इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है। अंजू कुमारी की मौत न केवल उसके परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि यह पूरे इलाके के लिए चिंता का विषय है। यदि प्रशासन समय रहते यातायात नियमों को सख्ती से लागू करता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है और दोषी के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।