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पटना : राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने कहा है कि बिहार से शुरू हुई जातिगत जनगणना आज पूरे देश में सामाजिक न्याय की एक प्रज्वलित मशाल बन चुकी है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का परिणाम बताया, जिनके प्रयासों से यह पहल सर्वसम्मति से लागू हो पाई।
नीरज कुमार ने कहा कि इस ऐतिहासिक कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार से निर्णायक समर्थन मिला, जिसके चलते जातीय जनगणना राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बन सकी। उन्होंने एनडीए के वरिष्ठ नेता उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका का भी उल्लेख किया, जिन्होंने बी.पी. सिंह सरकार के कार्यकाल में ही जातिगत गणना की वकालत की थी।
राजद पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार केवल “पारिवारिक आरक्षण” के हिमायती रहे हैं, और जातिगत सर्वेक्षण के जरिए ही उनकी संपत्तियों का खुलासा संभव हो सका।
कांग्रेस और विपक्ष पर हमला बोलते हुए नीरज कुमार ने कहा कि 2011 में हुई सामाजिक-आर्थिक जनगणना की रिपोर्ट तत्कालीन सरकार ने जानबूझकर दबा दी थी। उन्होंने दोहराया कि आज यदि यह अभियान पूरे देश में आगे बढ़ रहा है, तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही जाता है।