सिटी पोस्ट लाइव : अपनी तमाम कोशिश के वावजूद जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर नीतीश कुमार के गाँव कल्याण बिगहा में नहीं घुस पाए.पुलिस ने गाँव की ऐसी किलाबंदी कर दी थी कि परिंदा भी पर नहीं मार पाए.गाँव में जानेवाले हर रास्ते पर पुलिस के जवान और अधिकारी तैनात थे.डीएसपी और एसडीम घिरनी की तरह गाँव की परिक्रमा कर रहे थे. प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह गांव कल्याण बिगहा में प्रवेश करने से रोक दिया गया.प्रशांत किशोर की एसडीएम के साथ तीखी बहस हुई. प्रशांत किशोर ने एसडीएम से पूछा कि क्या उन्हें गांव में जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता है. उन्होंने एसडीएम से कहा कि नए अफसर बने हो इत्मीनान से रहो. एसडीएम ने कानून व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते हुए गाँव में घुसाने की इजाजत नहीं दी.
आज मुख्यमंत्री के गाँव कल्याण बीघा से ही बिहार में बदलाव को लेकर ‘हस्ताक्षर अभियान’ शुरू करनेवाले थे.इस अभियान के दौरान प्रशांत किशोर रविवार को अपने तमाम नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ नालंदा जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह गांव कल्याण बिगहा में प्रवेश कर रहे थे, लेकिन उन्हें गांव में घुसने से रोक दिया गया.सीएम नीतीश के गांव में उनको रोके जाने पर एसडीएम के साथ प्रशांत किशोर की तीखी बहस हुई. पीके ने एसडीएम को जमकर सुनाया.प्रशांत किशोर ने अफसर से कहा कि क्या आप मुझे गांव में घुसने से रोकेंगे? क्या मुझे गांव में जाने के लिए आपकी अनुमति की जरूरत है?
पीके ने कहा कि जब मैं दूसरे गांवों में गया था तो क्या वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं थी? मैं चाहता हूं कि आप लिखकर दें, फिर मैं वापस आ चला जाऊंगा. क्या आप लोगों को इकट्ठा करके मुझे धमका रहे हैं? आप नेता बनना चाहते हैं?प्रशांत किशोर ने एसडीएम से कहा कि आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हमारे साथ हैं. हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं.बहस के दौरान प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि नए अफसर बने हो इत्मीनान से रहो. रोकने का कारण लिखकर दोगे तो नौकरी चली जाएगी.
प्रशांत किशोर के सवालों का जवाब देते हुए एसडीएम ने कहा कि आपको गांव में घुसने से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता है क्योंकि कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है.एसडीएम ने आगे कहा कि लोगों ने कानून व्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. अगर मेरा इरादा आपको रोकने का होता तो मैं आपको बिहारशरीफ में ही रोक लेता.