सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा और आदर्श आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज एक अत्यंत महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट मीटिंग हो सकती है, जिसमें सरकार जनता के लिए कई लोकप्रिय और कल्याणकारी फैसलों पर अंतिम मुहर लगाकर अपनी चुनावी उपलब्धियों को मजबूत करने की कोशिश करेगी।
दोपहर 3:30 बजे बुलाई गई ‘अंतिम’ बैठक
यह महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 3:30 बजे बुलाई गई है। बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री, सभी मंत्री और राज्य के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि 6 अक्टूबर के बाद कभी भी चुनाव की घोषणा हो सकती है, जिसके बाद आचार संहिता लागू हो जाएगी और सरकार किसी भी बड़े नीतिगत या लोकप्रिय घोषणा करने में सक्षम नहीं होगी। यही वजह है कि इस बैठक का महत्व अत्यधिक बढ़ गया है।
एजेंडे में प्रमुख लोक-लुभावन प्रस्ताव
कैबिनेट के एजेंडे में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्ताव शामिल होने की उम्मीद है। सरकार का मुख्य ध्यान उन फैसलों पर मुहर लगाने पर होगा, जिनका सीधा लाभ आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को मिले।
सरकारी कर्मचारियों को तोहफा: डीए में वृद्धि
सबसे बड़ी खबर यह है कि इस बैठक में 10 लाख सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) पर मुहर लग सकती है। यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार द्वारा की गई वृद्धि के अनुरूप होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत मिलेगी।
रोजगार और मानदेय: बैठक में नई भर्तियों (जैसे शिक्षकों और तकनीकी सहायकों के लिए) और विभिन्न संविदा कर्मचारियों के मानदेय वृद्धि से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है।
महिलाओं पर फोकस: महिलाओं को रोजगार से जोड़ने वाली और पिछली कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार देने वाली योजनाओं पर भी फैसला हो सकता है।
बुनियादी ढांचा और विकास: लंबित विकास कार्यों, सड़कों और बुनियादी ढांचे से जुड़े बड़े प्रस्तावों को भी आचार संहिता लागू होने से पहले हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश
बीते कुछ महीनों में नीतीश कैबिनेट ने आम लोगों के लिए कई लाभकारी फैसले लिए हैं, लेकिन विपक्ष लगातार भ्रष्टाचार और अपराध के मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। ऐसे में, यह अंतिम कैबिनेट बैठक सरकार को एक बार फिर सकारात्मक और जन-कल्याणकारी छवि के साथ जनता के सामने जाने का अवसर प्रदान करेगी। बड़े और लोकप्रिय फैसलों को मंजूरी देकर, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि उसकी उपलब्धियां चुनाव प्रचार के दौरान हावी रहें।
राजनीतिक विश्लेषक इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ‘आखिरी दांव’ मान रहे हैं, जिसका उद्देश्य चुनावी गतिविधियों के तेज होने (संभवतः विजयदशमी के बाद) से पहले मतदाताओं के बीच एक सकारात्मक संदेश देना है। इस बैठक में लिए जाने वाले फैसले आगामी चुनावों में एनडीए की रणनीति को सीधे प्रभावित कर सकते हैं।