12वीं के बाद कन्फ्यूजन खत्म! जानें डिग्री लें या डिप्लोमा?…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

12वीं की परीक्षा पास करने के बाद कोर्स को लेकर छात्र काफी उलझन में रहते हैं। उन्हें समझ नहीं आता है कि क्या लें और क्या न लें। ऐसे में छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है कि डिग्री लें या डिप्लोमा में से क्या लें? यह निर्णय ही आपके करियर की दशा-दिशा तय करता है। हालांकि, सही जानकारी और सोच-समझकर लिया गया फैसला ही आपके भविष्य तय करता है। आज आपको बताएंगे कि दोनों कोर्स में क्या फर्क होता है।

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डिप्लोमा:-
डिप्लोमा कोर्स एक शॉर्ट-टर्म पेशेवर कोर्स होता है, जो किसी विशेष क्षेत्र की तकनीकी या व्यावसायिक जानकारी देने के लिए डिजाइन किया जाता है। इसे 10वीं,12वीं या ग्रेजुएशन के बाद भी कर सकते हैं। यह आमतौर पर 6 महीने से 3 साल तक का होता है। शॉर्ट टर्म जो 6 महीने से 1 साल तक होता है और लॉन्ग टर्म की अवधि 2 से 3 साल तक होता है। बता दें, इस कोर्स के कई प्रकार होते हैं,जिनमें यूजी डिप्लोमा(12वीं के बाद), पीजी डिप्लोमा(ग्रेजुएशन के बाद) और डिप्लोमा इन वोकेशनल ट्रेनिंग(स्किल या ट्रेड में प्रशिक्षण) शामिल होता है। ये कोर्स के बाद टेक्नीशियन, नर्सिंग, इलेक्ट्रीशियन,टीचर और लैब असिस्टेंट जैसे नौकरी के विकल्प उपलब्ध हैं। इस कोर्स के लिए देश के कई प्रमुख संस्थान(ITI, NIIT,IGNOU…) में एडमिशन ले सकते हॆ।
डिग्री:-
डिग्री कोर्स एक हाई एजुकेशन कोर्स होता है,जिसे 12वीं के बाद किया जाता है। यह कोर्स मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान किया जाता है। यह कोर्स आमतौर पर 3 से 5 वर्षों तक चलता है। बता दें, 3 तरह के कोर्स होते हैं। यूजी डिग्री (12वीं के बाद), पीजी डिग्री (स्नातक के बाद) और पीएचडी डिग्री (पीजी के बाद) की जाती है। डिग्री कोर्स में कई तरह के प्रवेश परीक्षा- NEET (MBBS), JEE (Engineering), CUET (BA/BSc/BCom) आयोजित किए जाते हैं, इसी के आधार पर कॉलेज/यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिलता है।
हालांकि, दोनों कोर्स करने के अपने फायदे है। डिप्लोमा कोर्स के बाद जल्दी नौकरी पा सकते हैं, स्किल डेवलेपमेंट पर पोकस रहेगा और बिजनेस शुरू करने के भी सहायक है। तो वहीं, डिग्री कोर्स के बाद नौकरी पाने के कई अवसर है, उच्च शिक्षा की राह आसान हो जाती है और प्रतियोगी परीक्षा हेतु पात्रता आवश्यक हैं।

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