बिहार चुनाव हिंसा : डिप्टी सीएम विजय सिन्हा और महागठबंधन प्रत्याशी सत्येंद्र यादव के काफिले पर पथराव

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान राज्य में दो बड़ी हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिसने चुनावी माहौल को गरमा दिया है। एक ओर लखीसराय में राज्य के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर हमला हुआ, वहीं दूसरी ओर सारण जिले के मांझी विधानसभा क्षेत्र में महागठबंधन के प्रत्याशी डॉ. सत्येंद्र यादव की कार पर भी हमला कर शीशे तोड़ दिए गए।

इन दोनों घटनाओं ने चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्काल और कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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मांझी में सीपीआई विधायक सत्येंद्र यादव पर हमला
सारण जिले के मांझी विधानसभा क्षेत्र से सीपीआई (CPI-M) के विधायक और महागठबंधन प्रत्याशी सत्येंद्र यादव अपने क्षेत्र के जैतपुर हाई स्कूल पर बने बूथ पर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इसी दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और हमला कर दिया। इस हमले में सत्येंद्र यादव की कार के शीशे बुरी तरह से टूट गए।

हमले के बाद की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। डॉ. सत्येंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मारपीट भी की गई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना दाऊदपुर थाने को दी। विधायक ने कहा, “मेरे ऊपर जानलेवा हमला हुआ है।” फिलहाल, स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

विजय सिन्हा ने लगाया RJD गुंडागर्दी का आरोप
इससे पहले, बीजेपी प्रत्याशी और डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने लखीसराय में अपने काफिले पर हुए हमले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) समर्थकों पर आरोप लगाया था। सिन्हा ने कहा था कि उनकी गाड़ी पर पत्थर, गोबर और चप्पलें फेंकी गईं।

विजय सिन्हा ने प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा था कि यह सब आरजेडी की “गुंडागर्दी” है, जो उनके दलित वोटरों को मतदान करने से रोकने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक से तत्काल कार्रवाई की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि कार्रवाई न होने पर वह धरने पर बैठ जाएंगे।

चुनाव आयोग का कड़ा रुख
दोनों हाई-प्रोफाइल उम्मीदवारों पर हुए हमलों के बाद, निर्वाचन आयोग बेहद सख्त हो गया है। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

सीईसी ने बिहार के डीजीपी को निर्देश दिया कि इन मामलों में तत्काल एक्शन लिया जाए। निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से यह भी विनम्र अनुरोध किया है कि वे किसी भी डर के बिना, अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए, वोट डालने के लिए आगे आएं। आयोग ने शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सुरक्षा बलों को पूरी तरह से मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। ये दोनों घटनाएं बिहार चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाती हैं।

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