सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में बड़े पैमाने पर हुई बिजली तार की चोरी का मुद्दा शुक्रवार को बिहार विधानसभा में छाया रहा। सोनपुर विधायक द्वारा उठाए गए इस सवाल ने सरकार को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया।
क्या हुआ सदन में?
विधायक ने सदन को अवगत कराया कि 700 से अधिक पोलों से तार चोरी होने के कारण पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबने की कगार पर है। इससे न केवल कृषि बल्कि आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव ने आधिकारिक तौर पर माना कि इलाके में इतने बड़े स्तर पर तार चोरी हुई है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि इससे बिजली आपूर्ति में गंभीर बाधा आई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक सभी प्रभावित पोलों पर नए तार लगा दिए जाएंगे, ताकि आपूर्ति बहाल हो सके।
चोरी या बड़ी लापरवाही?
दिघवारा में एक साथ 700 पोल से तार चोरी होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर पहले से ही काफी आक्रोश है। इतनी बड़ी घटना ने न केवल विभाग की कार्यशैली बल्कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। वहीं, “सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ, हमारी प्राथमिकता इसी साल के भीतर क्षेत्र में दोबारा तार बिछवाकर बिजली संकट को दूर करना है।”