मशहूर अभिनेता राजपाल यादव के लिए सोमवार का दिन राहत भरा रहा। दिल्ली हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में उन्हें जमानत दे दी है। राजपाल यादव बीते 5 फरवरी से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे और उन्होंने वहां कुल 11 रातें बिताईं।
साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन (मुरली प्रोजेक्ट्स) से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के कारण वह यह पैसा नहीं लौटा सके। सालों तक बकाया न चुका पाने के कारण ब्याज बढ़ता गया और अब यह कुल रकम लगभग 9 करोड़ रुपये हो चुकी है। सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने अभिनेता को फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी जेल यात्रा कोर्ट के आदेश से ज्यादा उनके अपने बर्ताव और वादे पूरे न करने का नतीजा है। कोर्ट ने नोट किया कि यादव ने कई बार अपनी देनदारी स्वीकार की, लेकिन भुगतान नहीं किया। राजपाल यादव ने अपनी भतीजी की शादी (जो इस महीने के अंत में शाहजहांपुर में होनी है) का हवाला देते हुए कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई थी।
सुनवाई का घटनाक्रम:
पिछले गुरुवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने एक्टर को कोई राहत नहीं दी थी और मुरली प्रोजेक्ट्स कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। हालांकि, आज (सोमवार) हुई ताजा सुनवाई में उनके वकीलों द्वारा पेमेंट इंस्ट्रक्शन के लिए समय मांगे जाने और व्यक्तिगत परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें बेल दे दी गई।