सिटी पोस्ट लाइव
राजधानी पटना और आसपास के जिलों में भारी बारिश के बाद नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण पटना के कई निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं, जहानाबाद में दरधा नदी में आई बाढ़ का पानी अब पटना जिले के कुछ हिस्सों में प्रवेश करने की आशंका है, जिसके मद्देनजर खुसरूपुर समेत कई गांवों को भी सतर्क किया गया है।
गंगा का बढ़ता जलस्तर: खतरे के निशान के करीब
पटना में गंगा नदी उफान पर है और इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है, वहीं गांधी घाट पर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) की रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर हर घंटे 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में दीघा घाट पर जलस्तर में 52 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा के अगल-बगल के गांवों और दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष रूप से अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को भी पूरी तरह से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दरधा नदी का कहर: जहानाबाद से पटना तक खतरा
जहानाबाद में दरधा नदी में आए उफान ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है। दरधा नदी का पानी जहानाबाद शहर के निचले इलाकों में घुस गया है। कई गांवों में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अब इस उफनती दरधा नदी का पानी पटना जिले के धनरूआ, फतुहा और खुसरूपुर जैसे इलाकों में भी प्रवेश करने की संभावना है।
जिला प्रशासन ने इन प्रखंडों और उनके अंतर्गत आने वाले कई गांवों में हाई अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बाढ़ से संबंधित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे राहत शिविर, नावों की उपलब्धता और खाद्य सामग्री का भंडारण सुनिश्चित कर लें।
प्रशासन सतर्क, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों, अंचलाधिकारियों और बीडीओ को सक्रिय रहने और स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। लोगों से भी अपील की गई है कि वे नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। यह भी सलाह दी गई है कि अनावश्यक रूप से नदी किनारे या जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हर संभव तैयारी की जा रही है।