पटना से औरंगाबाद तक गैस के लिए हाहाकार: गोदामों में ताले, ग्राहकों की लंबी कतार; क्या बिहार में होने वाली है भारी किल्लत?…

Ritu Raj

मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध की आग अब बिहार की रसोई और बाजारों तक पहुँचने लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई बाधित होने की आशंका के बीच बिहार में एलपीजी (LPG) संकट गहरा गया है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की बुकिंग ठप है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

सिर्फ कमर्शियल ही नहीं, घरेलू गैस के लिए भी हाहाकार मचा है। पटना, गोपालगंज, खगड़िया और औरंगाबाद समेत कई जिलों में लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हैं। जगदेव पथ स्थित एचपी गैस एजेंसी जैसे कई केंद्रों पर ताले लटके मिले, जिससे उपभोक्ताओं का गुस्सा बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि न तो गैस मिल रही है और न ही कर्मचारी कोई जानकारी देने के लिए मौजूद हैं।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

जमाखोरी पर सख़्ती;
बिगड़ते हालातों को देखते हुए स्पेशल ब्रांच के DIG ने राज्य के सभी कमिश्नर, IG, DIG, DM और SP को सतर्कता पत्र (Alert Letter) जारी किया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि ईरान-इजराइल युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है, जिसका सीधा असर बिहार में डीजल, पेट्रोल और गैस की उपलब्धता पर पड़ सकता है। इसके साथ गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ के कारण विधि-व्यवस्था (Law & Order) बिगड़ने की आशंका है। बता दें, DIG ने आगाह किया है कि इस संकट का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व गैस और तेल की जमाखोरी कर सकते हैं। प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि ऐसे लोगों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रशासन को निर्देश;
सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस कप्तानों (SP) को निर्देश दिया गया है कि वे आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय बिठाकर पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की निगरानी करें। साथ ही, आम जनता के बीच किसी भी तरह की अफवाह को फैलने से रोकने और उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

Share This Article