सिटी पोस्ट लाइव
केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने एक बार फिर सीमांचल क्षेत्र में हो रही गतिविधियों पर गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने दावा किया है कि हाल के दिनों में सीमांचल क्षेत्र में लाखों की संख्या में लोगों द्वारा आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया है, जो किसी न किसी “सुनियोजित साजिश” की ओर इशारा करता है।
गिरिराज सिंह ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि “रोहिंग्या या अन्य अवैध अप्रवासी” नागरिकता हासिल करने के उद्देश्य से फर्जी दस्तावेज बनवा रहे हैं, ताकि वे भारत में स्थायी रूप से बस सकें। उन्होंने सवाल उठाया कि “इस संवेदनशील मुद्दे पर न तो तेजस्वी यादव बोल रहे हैं, और न ही राहुल गांधी। क्या यह उनकी सहमति है?” उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि “यदि इस पर अभी सख्ती नहीं बरती गई, तो आने वाले दिनों में यह देश के लिए खतरा बन सकता है।”
इसी के साथ गिरिराज सिंह ने बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को 35% सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने के फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह एक स्वागतयोग्य कदम है, जो राज्य सरकार की पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने इस पहल के लिए बिहार सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि “ऐसे प्रयासों से ही समाज में संतुलन और समानता की भावना को बल मिलता है।” गिरिराज सिंह के इस बयान से सीमांचल इलाके में रोहिंग्या और घुसपैठ को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है, खासकर जब राज्य में मतदाता सूची संशोधन और नागरिकता जैसे मुद्दे गरमाए हुए हैं।