City Post Live
NEWS 24x7

जातीय जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई.

मामले से अलग हुए जस्टिस करोल, CJI ने गठित की नई बेंच, आज का दिन होगा ऐतिहासिक .

-sponsored-

- Sponsored -

-sponsored-

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट द्वारा लगाईं गई  रोक के खिलाफ दायर नीतीश  सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट  सुनवाई करेगा. कोर्ट ने इस अर्जी पर सुनवाई के लिए दो सदस्यीय नई बेंच का गठन किया है, जिसमें जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस राजेश बिंदल शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई करने वाली पिछली बेंच में शामिल जस्टिस संजय करोल ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया. इसके बाद मामले को दोबारा चीफ जस्टिस के पास भेज दिया गया था ताकि नई बेंच का गठन किया जाए.

 

जस्टिस करोल इससे पहले पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दे रहे थे. उन्हें 6 फरवरी 2023 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था. जस्टिस करोल ने बिहार सरकार की याचिका पर सुनवाई से हटने के फैसला करते हुए कहा कि वह कुछ संबंधित मुकदमों में पक्षकार थे, जिन पर पहले हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी.

 

दरअसल बिहार में राज्य सरकार द्वारा की जा रही जातीय जनगणना पर पटना हाईकोर्ट ने 4 मई को आदेश जारी करते हुए अंतरिम रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह जाति-आधारित गणना को तुरंत रोक दे और यह सुनिश्चित करे कि पहले से ही एकत्र किए गए डेटा को सुरक्षित रखा जाए और अंतिम आदेश पारित होने तक किसी के साथ साझा न किया जाए. हाईकोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख निर्धारित की है.

 हाईकोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. बिहार सरकार ने अपनी याचिका में कहा कि जातीय जनगणना पर रोक से पूरी कवायद पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. याचिका में बिहार सरकार ने दलील दी है, ‘राज्य ने कुछ जिलों में जातिगत जनगणना का 80 फीसदी से अधिक सर्वे कार्य पूरा कर लिया है और 10 फीसदी से भी कम काम बचा हुआ है. पूरा तंत्र जमीनी स्तर पर काम कर रहा है. विवाद में अंतिम निर्णय आने तक इस अभ्यास को पूरा करने से कोई नुकसान नहीं होगा

- Sponsored -

-sponsored-

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news, updates and special offers delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

-sponsored-

Comments are closed.