बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। वर्तमान स्थिति यह है कि पटना समेत कई हिस्सों में बारिश का दौर शुरू हो चुका है और अगले दो दिनों तक राहत के आसार कम हैं।
अलर्ट का वर्गीकरण;
| अलर्ट का प्रकार | जिलों की संख्या | संभावित प्रभाव |
| ऑरेंज अलर्ट | 12 जिले | भारी बारिश, वज्रपात (बिजली गिरना), ओलावृष्टि और 60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी। |
| यलो अलर्ट | 26 जिले | हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं। |
मौसम बिगड़ने के मुख्य कारण;
वैज्ञानिक दृष्टि से इस समय तीन प्रमुख मौसमी सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं:-
1) पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance): उत्तर भारत में सक्रिय यह सिस्टम हवा के दबाव में बदलाव ला रहा है।
2) नमी का प्रवाह: बंगाल की खाड़ी से आने वाली आर्द्र हवाएं बिहार के वायुमंडल में नमी बढ़ा रही हैं।
3) चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation): स्थानीय स्तर पर बने इस सिस्टम के कारण बादल तेजी से गरज-चमक के साथ सक्रिय हो रहे हैं।
प्रमुख क्षेत्रों का हाल;
पटना: सुबह की बूंदाबांदी के बाद दोपहर में तेज बारिश दर्ज की गई। अगले 1-2 दिनों तक बादल छाए रहेंगे और तापमान में गिरावट आएगी।
अन्य क्षेत्र: गोपालगंज, बेगूसराय, रक्सौल, सासाराम और बगहा में हल्की वर्षा हुई है।
सुरक्षा निर्देश और सावधानी;
आम नागरिकों के लिए:
– खराब मौसम के दौरान घरों के अंदर ही रहें।
– बिजली कड़कने के समय पेड़ों, खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
– यात्रा की योजना मौसम को देखकर ही बनाएं।
किसानों के लिए विशेष सलाह;
– कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या वाटरप्रूफ तिरपाल से ढंक दें।
– तैयार फसलों की कटाई में जल्दबाजी करें ताकि ओलावृष्टि से नुकसान न हो।
– कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव अभी टाल दें।