महागठबंधन ने गुरुवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तेजस्वी यादव को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया। इस दौरान कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने एनडीए से सवाल किया कि उनका नेता कौन होगा। जवाब में बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अमित शाह पहले ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने और जीतकर सरकार बनाने की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश के 20 साल के काम और केंद्र सरकार के विकास के मुद्दे पर एनडीए मैदान में उतरेगा और जीत हासिल करेगा।
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने महागठबंधन की रणनीति पर तीखा हमला बोला और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने को ‘महाभूल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की पारंपरिक ‘एमवाई’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण अब खत्म हो चुकी है और इसका नया मतलब ‘मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव’ हो गया है। हुसैन ने दावा किया कि महागठबंधन का पारंपरिक वोट बैंक अब उनसे नाराज है और उसे कोई फायदा नहीं मिलने वाला। उन्होंने महागठबंधन पर बीजेपी का डर दिखाकर मुस्लिम वोट हासिल करने का आरोप लगाया और कहा, “ये लोग सिर्फ बीजेपी का डर दिखाकर मुस्लिम समाज से वोट लेना चाहते हैं, लेकिन मुस्लिम समाज अब डरेगा नहीं।” हुसैन ने जोर देकर कहा कि एनडीए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास’ के नारे के साथ नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगा और जीतेगा। वहीं, उन्होंने महागठबंधन में आंतरिक कलह का भी जिक्र किया और दावा किया कि गठबंधन में पहले से ही दरार पड़ चुकी है। हुसैन ने कहा कि नीतीश कुमार के 20 साल के शासन और केंद्र सरकार के विकास कार्यों के दम पर एनडीए बिहार में मजबूती से चुनावी मैदान में उतरेगा और जनता का भरोसा जीतेगा।
हालांकि, बीजेपी नेता ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है और कहा कि “लालू-तेजस्वी के सामने कांग्रेस ने टेके घुटने टेक दिए हैं।” कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार की दावेदारी को खारिज करते हुए नेता ने तंज कसा कि पार्टी ने अंत में लालू यादव के दरवाजे पर सर झुकाकर तेजस्वी को सीएम उम्मीदवार माना। फिर भी, बीजेपी नेता ने दावा किया, “आएगा एनडीए, जीतेगा एनडीए, सरकार बनाएगा एनडीए।”