ग्लोबल हुई होली! भारत के अलावा इन 10 देशों में भी जमती है रंगों की महफ़िल, क्या आपको पता है?…

Ritu Raj

होली का त्योहार केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी सतरंगी छटा पूरी दुनिया में बिखरी हुई है। होली केवल रंगों का खेल नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई की जीत और प्रेम का प्रतीक है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात जब ‘होलिका दहन’ की अग्नि प्रज्वलित होती है, तो इसकी तपिश और उत्साह विदेशों में भी महसूस किया जाता है।

हमारे पड़ोसी देशों में होली की रौनक;
नेपाल: यहाँ इसे ‘फागु पूर्णिमा’ कहते हैं। यह दो हिस्सों में बँटा होता है—पहले दिन पहाड़ों में रंगों की मस्ती होती है, तो दूसरे दिन तराई के मैदानों में उत्सव मनाया जाता है।
बांग्लादेश व पाकिस्तान: बांग्लादेश में इसे ‘डोल पूर्णिमा’ या ‘बसंत उत्सव’ के रूप में शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाता है। वहीं पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू समुदाय मंदिरों में इकट्ठा होकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गुलाल उड़ाते हैं।

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द्वीप देशों में ‘फाग’ की गूँज;
मॉरीशस: भारतीय संस्कृति से गहरे जुड़ाव के कारण यहाँ होली पर सरकारी छुट्टी होती है। यहाँ ‘फाग’ (लोक गीत) गाने की परंपरा आज भी उतनी ही जीवंत है जितनी सदियों पहले थी।
फिजी व कैरिबियन देश: फिजी, गुयाना और सूरीनाम में इसे ‘फगवा’ कहा जाता है। यहाँ पारंपरिक ‘चौताल’ गायन के साथ लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं।

पश्चिमी देशों में मॉडर्न तड़का;
अमेरिका: यूटा के स्पेनिश फोर्क स्थित श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर की होली विश्व प्रसिद्ध है। न्यूयॉर्क जैसे शहरों में ‘कलर रन’ और परेड के जरिए युवा इस त्योहार का आनंद लेते हैं।
यूनाइटेड किंगडम: लंदन और लीसेस्टर जैसे शहरों में बड़े पार्कों में होली इवेंट्स होते हैं, जहाँ भारतीय संगीत और बॉलीवुड गानों पर पूरा शहर झूम उठता है।

दक्षिणी गोलार्ध में उत्सव;
ऑस्ट्रेलिया व दक्षिण अफ्रीका: सिडनी की धूप हो या जोहान्सबर्ग की शाम, भारतीय प्रवासियों ने यहाँ भी होली को एक बड़े कम्युनिटी फेस्टिवल का रूप दे दिया है।

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