सिटी पोस्ट लाइव
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए जा रहीं महिलाओं से भरे दो ऑटो और एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के बीच भीषण सड़क हादसा हो गया है। यह दर्दनाक घटना बुधवार सुबह सरैया थाना क्षेत्र के बखरा गुदरी बाजार के पास हुई। इस जोरदार टक्कर में कुल पांच महिलाएं और एक ऑटो चालक घायल हो गए हैं।
दुर्घटना का विवरण और घायलों की स्थिति
जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब जैतपुर-रेपुरा से चार महिलाओं को लेकर रेवा घाट जा रहे एक ऑटो को पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने टक्कर मार दी। स्कॉर्पियो की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पहले ऑटो के चालक ने यात्रियों को बचाने के प्रयास में अपना संतुलन खो दिया, और यह ऑटो आगे जा रहे दूसरे ऑटो से टकरा गया। दूसरे ऑटो में बसौली गांव की एक महिला सवार थी। इस तरह, दोनों ऑटो दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
इस घटना में कुल पाँच महिला यात्री और दोनों ऑटो के चालक घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और एक ऑटो चालक शामिल हैं। घायल ऑटो चालक मुन्ना कुमार भगत (बड़का बसौली, जैतपुर) ने घटना के बारे में बताते हुए कहा कि स्कॉर्पियो की रफ्तार बहुत तेज थी, जिससे उन्हें कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। उन्होंने बताया कि यात्रियों को बचाने की कोशिश में उनकी ऑटो दूसरे ऑटो से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
स्कॉर्पियो चालक हिरासत में, पुलिस ने किए जरूरी कदम
दुर्घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके कारण स्कॉर्पियो चालक भागने में सफल नहीं हो सका। आक्रोशित स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया और तत्काल पुलिस के हवाले कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही सरैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को तत्काल पीएचसी सरैया पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
पुलिस ने दुर्घटना में शामिल तीनों वाहनों (दो ऑटो और स्कॉर्पियो) को जब्त कर लिया है और स्कॉर्पियो के चालक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि धार्मिक अनुष्ठानों के मौके पर सड़कों पर बढ़ी हुई भीड़ के बावजूद तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना कितना खतरनाक हो सकता है।
उसी क्षेत्र में एक और हादसा
इसी क्षेत्र के सुपना गांव के पास गंगा स्नान के लिए बाइक से जा रहे भगत जी नामक एक अधेड़ व्यक्ति अचानक अपनी बाइक से नियंत्रण खो बैठे और सड़क किनारे गिरकर बेहोश हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें भी अस्पताल पहुंचाया गया।