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पटना। इस बार बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियों को लेकर जबरदस्त सरगर्मी है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने आज शाम इफ्तार का आयोजन किया है, जिसमें महागठबंधन के नेताओं और रोजेदारों को खास निमंत्रण भेजा गया है। इसके अलावा, कई मुस्लिम संगठनों के धर्मगुरु भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कुछ धार्मिक नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार करने का एलान पहले ही कर दिया था।
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस इफ्तार आयोजन को राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इस बार इफ्तार पार्टी को राबड़ी आवास की जगह आरजेडी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के सरकारी आवास पर आयोजित किया गया है, जिससे यह आयोजन और भी चर्चा में आ गया है। दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी पटना स्थित अपने कार्यालय में इफ्तार पार्टी रखी है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित एनडीए नेताओं को आमंत्रित किया गया है। हालांकि, मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने इस इफ्तार से दूरी बना ली है।
इमारत-ए-शरिया के महासचिव मुफ्ती सईदुर्रहमान ने सीएम नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी का बॉयकॉट करने की घोषणा की। इसका कारण केंद्र सरकार द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन विधेयक पर जेडीयू का समर्थन बताया गया। इस बहिष्कार में इमारत-ए-शरिया, जमात इस्लामी, जमात अहले हदीस, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा-ए-हिंद जैसी प्रमुख संस्थाएं शामिल थीं।
इन विवादों के बावजूद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इफ्तार पार्टी में बड़ी संख्या में रोजेदार पहुंचे। यह आयोजन पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास में हुआ। हालांकि, इस बार पार्टी में कैमरा और मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध था, फिर भी इस इफ्तार का राजनीतिक महत्व बरकरार रहा।