आईएमएफ ने पाकिस्तान को दी 2.4 अरब डॉलर की सहायता, भारत ने जताई आपत्ति और मतदान से बनाई दूरी

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के लिए दो आर्थिक कार्यक्रमों के तहत 2.4 अरब डॉलर की वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। यह सहायता आर्थिक सुधारों और जलवायु लचीलापन बढ़ाने की योजनाओं को समर्थन देने के लिए दी गई है।

आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड ने 9 मई को हुई बैठक के दौरान पाकिस्तान के Extended Fund Facility (EFF) कार्यक्रम की पहली समीक्षा पूरी की, जिससे पाकिस्तान को तुरंत 1 अरब डॉलर की राशि जारी की गई। अब तक इस कार्यक्रम के तहत कुल 2.1 अरब डॉलर का वितरण हो चुका है।

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इसके साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान के अनुरोध पर Resilience and Sustainability Facility (RSF) कार्यक्रम के तहत 1.4 अरब डॉलर की नई व्यवस्था को भी मंज़ूरी दी, जिसका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से संबंधित जोखिमों को कम करना है। गौरतलब है कि 25 सितंबर 2024 को IMF ने पाकिस्तान के लिए 37 महीने की EFF व्यवस्था को लगभग 7 अरब डॉलर की राशि के साथ मंजूरी दी थी।

भारत की आपत्ति: ‘पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर भरोसा नहीं किया जा सकता’ इस निर्णय पर भारत ने गंभीर आपत्ति जताते हुए वोटिंग से दूरी बनाए रखी। चूंकि IMF के नियमों के अनुसार किसी प्रस्ताव के खिलाफ ‘नहीं’ में वोट देना संभव नहीं है, भारत ने मतदान में हिस्सा न लेकर असहमति जताई।

भारत के वित्त मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान का IMF कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में बेहद खराब ट्रैक रिकॉर्ड रहा है।“1989 से अब तक 35 वर्षों में पाकिस्तान को 28 वर्षों में IMF से ऋण मिला है। पिछले पांच वर्षों में चार बार IMF सहायता ली गई है। यदि पिछले कार्यक्रम सफल होते, तो पाकिस्तान को फिर से IMF का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ता”।

भारत ने यह भी चेतावनी दी कि इस वित्तीय सहायता का दुरुपयोग सीमा पार आतंकवाद के लिए किया जा सकता है। भारत ने IMF से बेहतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।

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