क्या लड़की से पीरियड्स की डेट पूछना अपराध है? जानिए कानून क्या कहता है…

Ritu Raj

भारत में महिलाओं से जुड़ी निजी बातें आज भी सामाजिक तौर पर संवेदनशील मानी जाती हैं। खासकर पीरियड्स जैसे विषय पर बात करना अब भी कई जगहों पर असहज माना जाता है। ऐसे में अगर कोई किसी लड़की से उसके पीरियड्स की तारीख पूछ ले, तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या यह सिर्फ एक सामान्य सवाल है या फिर कानून के मुताबिक यह किसी की निजता का उल्लंघन माना जा सकता है? क्या इसके लिए सजा भी हो सकती है? आइए जानते हैं, कानून इस बारे में क्या कहता है।

कानून क्या कहता है?
भारत में ऐसा कोई स्पष्ट कानून नहीं है जो केवल किसी महिला से उसके पीरियड्स की तारीख पूछने को अपराध घोषित करता हो। यानी अगर कोई यह सवाल स्वास्थ्य, देखभाल या चिकित्सकीय जरूरत के तहत पूछता है। जैसे डॉक्टर, नर्स या परिवार का कोई सदस्य तो यह अपराध नहीं माना जाएगा। हालांकि, अगर यही सवाल किसी गलत नीयत से, मजाक उड़ाने, शर्मिंदा करने या सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के उद्देश्य से पूछा जाता है, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है। ऐसे मामलों में इसे महिला की गरिमा और निजता के उल्लंघन के तौर पर देखा जा सकता है। कब बन सकता है मामला यौन उत्पीड़न का?
अगर कोई व्यक्ति दफ्तर, कॉलेज या किसी सार्वजनिक जगह पर किसी महिला से उसके पीरियड्स या निजी शारीरिक विषयों पर बार-बार सवाल करता है या टिप्पणी करता है, तो यह यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे मामलों में Sexual Harassment of Women at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 यानी POSH कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून के तहत महिला की शिकायत पर जांच होती है और दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को चेतावनी, सस्पेंशन या नौकरी से निकाले जाने जैसी सजा दी जा सकती है।
आईपीसी की धारा भी लागू हो सकती है:
अगर किसी महिला के प्रति इस तरह की टिप्पणी या सवाल उसकी इज्जत को ठेस पहुँचाने या मानहानि करने के इरादे से किए गए हों, तो भारतीय दंड संहिता की धारा 354A (महिला की मर्यादा भंग करना) या 509 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से शब्द या इशारा करना) के तहत भी मामला दर्ज हो सकता है। इन धाराओं में तीन साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है।
महिला की निजता से जुड़ा गंभीर मामला:
अगर किसी लड़की से ऐसा सवाल सार्वजनिक जगह, सोशल मीडिया या भीड़ के बीच इस नीयत से पूछा जाता है कि उसे शर्मिंदा या अपमानित किया जाए, तो यह महिला की मर्यादा भंग करने का अपराध माना जा सकता है। ऐसे मामलों में आईपीसी की धारा 509 के तहत एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसके साथ ही, भारत के संविधान के तहत निजता एक मौलिक अधिकार है। किसी महिला की व्यक्तिगत या शारीरिक जानकारी उसके बिना अनुमति पूछना या सार्वजनिक रूप से साझा करना उसकी प्राइवेसी का उल्लंघन माना जा सकता है। ऐसे में महिला सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर मुआवजा मांग सकती है। यानी, पीरियड्स की तारीख पूछना अपने आप में अपराध नहीं है, लेकिन अगर यह सवाल किसी को नीचा दिखाने, मजाक उड़ाने या मानसिक प्रताड़ना देने के इरादे से किया गया हो, तो कानून इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की इजाजत देता है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।
Share This Article