बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद जन सुराज ने शनिवार को शेखपुरा हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने पार्टी के कमजोर प्रदर्शन, एनडीए की जीत और बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। साथ ही, उन्होंने आने वाली रणनीति और संगठनात्मक सुधारों को लेकर भी महत्वपूर्ण संकेत दिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा कि पार्टी को उम्मीद से कम वोट मिले, लेकिन इससे मनोबल कमजोर नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि अंतिम दौर में मतदाताओं के बीच यह डर पैदा हो गया कि जन सुराज को ज्यादा समर्थन मिलने पर कहीं राजद फिर से सत्ता में न लौट आए, इसलिए बड़ी संख्या में वोट NDA की ओर शिफ्ट हो गए।
उदय सिंह ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि NDA को मिला बहुमत “जनता के पैसों से खरीदा गया जनादेश” है। उनके अनुसार, सरकार ने करीब 40 हजार करोड़ रुपए वोट खरीद में खर्च किए, जिनमें 14 हजार करोड़ वर्ल्ड बैंक लोन के थे। इसका असर यह हुआ कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों के लिए राज्य के पास संसाधन नहीं बचे। उन्होंने कहा कि पैसे से चुनाव प्रभावित करने के प्रयास पहले भी होते रहे हैं, लेकिन किसी राज्य सरकार द्वारा इस स्तर पर हस्तक्षेप पहली बार हुआ है। NDA को बधाई देते हुए उदय सिंह ने मांग की कि नई कैबिनेट में दागी चेहरों को शामिल न किया जाए और वादों पर ईमानदारी से काम हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही जन सुराज विधानसभा में नहीं पहुँच सका, लेकिन पार्टी की भूमिका खत्म नहीं होती। जन सुराज की स्थापना परिवर्तन के उद्देश्य से हुई है और पार्टी आगे भी पूरी दृढ़ता से जनता के बीच एक मजबूत विपक्ष की तरह काम करती रहेगी।
प्रशांत किशोर के आकलन पर प्रतिक्रिया देते हुए उदय सिंह ने कहा कि उस समय स्थितियाँ अलग थीं, लेकिन बाद में सरकार ने “खजाना खोलकर” कैश ट्रांसफर के जरिए पूरा चुनावी माहौल बदल दिया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने स्पष्ट किया कि नतीजों से आंदोलन की ऊर्जा कम नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जन सुराज को और मजबूत किया जाएगा, हर कार्यकर्ता से दोबारा मुलाकात होगी और संगठन को नई गति दी जाएगी। उन्होंने इसे जन सुराज की सिर्फ शुरुआत बताते हुए आगे बड़े संघर्ष और व्यापक जनसंपर्क अभियान का संकेत भी दिया।