नीतीश सरकार का बड़ा फैसला: एक ही घर में अलग चूल्हा और रास्ता है तो वंशावली पर मिलेगा दूसरा बिजली कनेक्शन

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार सरकार की 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से एक अहम सवाल बना हुआ था—अगर पैतृक संपत्ति में विवाद है या औपचारिक बंटवारा नहीं हुआ है, तो क्या नया बिजली कनेक्शन मिल सकेगा? अब इस पर सरकार ने स्पष्ट नियम जारी कर राहत भरी घोषणा की है। नए दिशा-निर्देशों के तहत पैतृक संपत्ति के मामलों में बिजली कनेक्शन के लिए स्वामित्व रसीद अनिवार्य नहीं होगी। आवेदक केवल वंशावली के आधार पर भी नया कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे।

बिजली कंपनी मुख्यालय ने सभी विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से स्वामित्व दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए बाध्य न किया जाए। पहले अंचल कार्यालय, नगर परिषद या नगर निगम द्वारा जारी स्वामित्व रसीद को ही मान्यता मिलती थी, जिससे उन परिवारों को परेशानी होती थी जिन्होंने पैतृक जमीन पर बिना औपचारिक बंटवारे के घर बना लिया था। नए नियम से ऐसे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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हालांकि, यदि एक ही परिसर में पहले से बिजली कनेक्शन मौजूद है और उसी परिसर में अलग से नया कनेक्शन चाहिए, तो स्थिति अलग होगी। ऐसे मामलों में रजिस्टर्ड पारिवारिक बंटवारा पत्र अनिवार्य रहेगा। किराएदारों के लिए रजिस्टर्ड किरायानामा प्रस्तुत करना जरूरी होगा। इसके साथ ही अलग चूल्हा और स्वतंत्र प्रवेश-निकास मार्ग होना भी आवश्यक है, तभी अलग कनेक्शन स्वीकृत किया जाएगा।

यह नियम राज्य में लागू 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना से जुड़ा हुआ है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद उपभोक्ताओं को राहत देना और योजना के दुरुपयोग को रोकना है। पहले एक ही परिसर में कई कनेक्शन जारी करने पर रोक थी, ताकि मुफ्त बिजली योजना का गलत फायदा न उठाया जा सके। अब संशोधित नियम संतुलन बनाते हुए वास्तविक जरूरतमंदों को सुविधा देने की दिशा में कदम माना जा रहा है।

नया बिजली कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को ‘सुविधा’ एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान रंगीन फोटो, आधार कार्ड और जमीन से जुड़े दस्तावेज अपलोड करने होंगे। किसी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता सोमवार और शुक्रवार को संबंधित विद्युत कार्यपालक अभियंता से संपर्क कर सकते हैं। शहरी क्षेत्रों में 7 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 दिन के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

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