सिटी पोस्ट लाइव : बिहार विधान सभा चुनाव 2025 से पहले बीजेपी-जेडीयू के बीच सीटों के चयन को लेकर घमाशान शुरू हो चूका है..भागलपुर महानगर जेडीयू की बूथस्तरीय बैठक में कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर मांग की कि यह सीट जेडीयू के खाते में जानी चाहिए..जेडीयू के इस आक्रामक रुख से यह साफ हो गया है कि पार्टी यहां से अपनी दावेदारी को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है.बैठक की अध्यक्षता करते हुए महानगर जदयू के जिलाध्यक्ष संजय साह ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लगातार संगठन को मजबूत कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर जदयू की पकड़ मजबूत है.उन्होंने प्रदेश नेतृत्व से अपील की कि भागलपुर नगर विधानसभा सीट जदयू को मिले, ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़े और जनता तक सरकार की नीतियां और योजनाएं प्रभावी रूप से पहुंचाई जा सकें.
2020 के विधानसभा चुनाव में भागलपुर सीट कांग्रेस के खाते में गई थी. कांग्रेस के अजीत शर्मा ने यहां से जीत दर्ज की. उनको 65502 वोट मिले. करीबी मुकाबले में बीजेपी दूसरे नंबर पर रही. बीजेपी से रोहित पांडे कैंडिडेट थे. उनको 64389 वोट मिले थे.गौर करने वाली बात यह भी है कि 2020 में जदयू-भाजपा गठबंधन में थी और भागलपुर सीट भाजपा को मिली थी. अब इस सीट पर जदयू ने दावेदारी ठोक दी है. कहीं ना कहीं ये बीजेपी के लिए झटका साबित हो सकता है.
सूत्रों के अनुसार जेडीयू बीजेपी के डेढ़ दर्जन से ज्यादा सीटों पर दावा कर रहा है.उसी तरह से बीजेपी भी जेडीयू की सीटों पर दावा कर रही है.भागलपुर नगर विधानसभा सीट को लेकर जेडीयू ने अपनी दावेदारी ठोक दी है.सूत्रों के अनुसार आरजेडी-कांग्रेस के कई विधायक जेडीयू -बीजेपी में आना चाहते हैं.लेकिन जबतक बीजेपी -जेडीयू की सीटें फाइनल नहीं हो जाती उनके लिए महागठबंधन छोड़कर आना मुश्किल है.आरजेडी-कांग्रेस के विधायकों को एडजस्ट करने के लिए बीजेपी-जेडीयू की तरफ से एक दुसरे की सीट पर दावा किया जा रहा है.