नितेश तिवारी की रामायण में ‘कुंभकर्ण’ की एंट्री, लेकिन क्या आप जानते हैं कौन थे असली कुंभकर्ण और कैसे हुई उनकी मौत?…

Ritu Raj

रणबीर कपूर और साई पल्लवी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में जहां रणबीर ‘राम’ और साई पल्लवी ‘सीता’ के रूप में नजर आएंगी, वहीं साउथ सुपरस्टार यश ‘रावण’ की भूमिका निभाएंगे।

हाल ही में कुंभकर्ण के किरदार को लेकर भी एक बड़ा अपडेट सामने आया है। पहले चर्चा थी कि बॉबी देओल यह रोल करेंगे, लेकिन अब ‘पंचायत’ फेम फैसल मलिक का नाम इस प्रतिष्ठित भूमिका के लिए फाइनल माना जा रहा है। इस नई फिल्म के शोर के बीच, चलिए याद करते हैं रामानंद सागर की ‘रामायण’ के उस कुंभकर्ण को, जिनकी हंसी और कद-काठी ने इस किरदार को अमर कर दिया।

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रामानंद सागर की रामायण के ‘कुंभकर्ण’;
जब भी टीवी वाली रामायण की बात होती है, तो भगवान राम के रूप में अरुण गोविल और रावण के रूप में अरविंद त्रिवेदी का चेहरा सामने आता है। लेकिन रावण के भाई कुंभकर्ण की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाने वाले कलाकार थे नलिन दवे।

नलिन दवे के बारे में कुछ खास बातें;
नलिन दवे मूल रूप से गुजरात के रहने वाले थे। उन्होंने महज 26 साल की उम्र में फिल्म ‘भद्र तारा वाहेता पानी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। शो में रावण बने अरविंद त्रिवेदी और नलिन दवे असल जिंदगी में बहुत अच्छे दोस्त थे। कहा जाता है कि अरविंद त्रिवेदी की सिफारिश पर ही रामानंद सागर ने उन्हें कुंभकर्ण के रोल के लिए चुना था। उन्होंने ‘नाग देवता’, ‘सती नाग कन्या’ और ‘पाप की सजा’ जैसी कई हिंदी और गुजराती फिल्मों में काम किया, लेकिन जो पहचान उन्हें ‘रामायण’ ने दिलाई, वह बेमिसाल थी।

आज कहां हैं नलिन दवे?
दुर्भाग्य से, कुंभकर्ण के किरदार से करोड़ों दिलों को जीतने वाले नलिन दवे अब हमारे बीच नहीं हैं। ‘रामायण’ की अपार सफलता देखने के कुछ समय बाद ही, साल 1990 में मात्र 50 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। भले ही वह आज जीवित नहीं हैं, लेकिन जब भी भारतीय टेलीविजन के इतिहास की बात होगी, उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।

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