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पटना एयरपोर्ट पर शुक्रवार को हुई मुलाकात ने बिहार की राजनीतिक सियासत में हलचल मचा दी है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव और भाजपा सांसद रवि किशन एक साथ नजर आए। दोनों नेताओं ने एकदूसरे की प्रशंसा की और भविष्य की संभावनाओं को लेकर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया।
मुलाकात के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि वे बिहार के विकास के पक्ष में रहेंगे और जो भी नेता बेरोजगारी को दूर करेगा तथा रोजगार सृजित करेगा, उनके साथ खड़े होंगे। तेज प्रताप ने रवि किशन को भगवान भोलेनाथ का भक्त बताते हुए कहा कि यह पहली मुलाकात थी, लेकिन बातचीत में उनके व्यक्तित्व और उद्देश्यों की स्पष्ट झलक मिली।
रवि किशन ने भी तेज प्रताप की तारीफ की और उन्हें “दिल वाले इंसान” बताते हुए कहा कि उनके जैसे निस्वार्थ सेवा के उद्देश्य वाले नेताओं के लिए भाजपा हमेशा समर्थन देने को तैयार रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महादेव के भक्त हैं और उसी भावना के साथ भाजपा विकास और सेवा के कामों में सक्रिय है।
इस मुलाकात के बाद राजनीतिक विशेषज्ञों और जनता के बीच कयास शुरू हो गए हैं कि क्या तेज प्रताप यादव आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं। तेज प्रताप हाल ही में अपने परिवार से अलग होकर अपनी पार्टी के नेतृत्व में चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने अक्सर कहा है कि उन्होंने अपने दम पर राजनीतिक पहचान बनाई है। इस क्रम में उन्होंने छोटे भाई और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर तंज भी कसा और कहा कि उनकी पहचान लालू जी के कारण है।
तेज प्रताप स्वयं महुआ सीट से चुनाव मैदान में हैं, जबकि उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव राघोपुर सीट से उम्मीदवार हैं। तेज प्रताप ने राघोपुर में जनसंपर्क किया, वहीं तेजस्वी यादव ने उनके लिए प्रचार किया। ऐसे में पटना एयरपोर्ट की यह मुलाकात बिहार की राजनीतिक दिशा और आगामी गठबंधनों के संकेत के तौर पर देखी जा रही है।