सिटी पोस्ट लाइव : जबतक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आरजेडी के साथ हैं, बीजेपी के लिए बिहार में सरकार बनाना आसान नहीं है.बीजेपी ने लालू यादव के “माय समीकरण “ को साधने की कोशिश शुरू कर दी है.बीजेपी ने मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम बनाकर अपनी भविष्य की राजनीति व रणनीति का संकेत दे दिया है कि अब बिहार सहित तमाम हिंदी राज्यों में उस वोटबैंक पर नजर है, जिसपर अबतक विपक्षी दलों का एकाधिकार रहा है.
बीजेपी ने मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम चेहरा बनाकर अतिपिछड़ा वोटबैंक को और मजबूत बनाने की राजनीति पर काम कर रहा है. इस बार बिहार बीजेपी के रणनीति के केंद्र में है. बिहार में लोकसभा के 40 सीट में 2019 के लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन 39 सीटें जीती थी, जिसे बीजेपी इसबार नई रणनीति के साथ दुहराना चाहती है.
बीजेपी का पूरा फोकस इस बार यादव वोटबैंक को लेकर है. सवर्ण, दलित और अतिपिछड़ा के बड़े समूह पर बीजेपी पहले से मजबूत है, इसलिए तेजस्वी के यादव वोटबैंक पर नजर है. इसे देखते हुए मध्य प्रदेश में मोह यादव को सीएम बनाकर संदेश देने की कोशिश है. यही कारण है की पिछले कुछ दिन पहले बीजेपी ने यादव सम्मेलन किया था जिसमे बड़े संख्या में यादव समाज के लोगों का जुटान हुआ था.