बिहार के मोतिहारी में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के करीबी नेता कामेश्वर सहनी (45) की शुक्रवार सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। दरपा थाना क्षेत्र में स्थित उनके घर के पास चापाकल पर मुंह-हाथ धोते समय अज्ञात बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां दागीं और फरार हो गए।
दरपा थाना क्षेत्र के तिनकोणी गांव निवासी कामेश्वर सहनी सुबह रोज़ाना की तरह शौच के लिए घर से निकले थे। लौटने के बाद जब वे पास ही एक पड़ोसी के दरवाज़े पर चापाकल के पास फ्रेश हो रहे थे, तभी घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पीछे से सिर में तीन गोलियां और एक गोली कनपटी में लगने से कामेश्वर सहनी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दरपा पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गुस्साए ग्रामीणों ने कुछ देर तक हंगामा करते हुए शव उठाने से रोक दिया। कामेश्वर सहनी अपने पीछे तीन पुत्रों का परिवार छोड़ गए हैं और घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच, पूर्व मंत्री और आरजेडी के पूर्व विधायक डॉ. शमीम अहमद ने हत्या पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे गांव में घुसकर हत्या कर आराम से फरार हो जा रहे हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की है।
हालांकि, घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर रोष और चिंता दोनों देखी जा रही है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, कामेश्वर सहनी की हत्या से वीआईपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर है। पार्टी नेताओं ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मामले की जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सज़ा दी जाए।