छत्तीसगढ़ स्टील प्लांट में भीषण धमाका: बिहार के गया में पसरा सन्नाटा, एक ही गांव के 6 मजदूरों की मौत से उजड़े कई घर

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार स्थित एक निजी स्टील प्लांट में गुरुवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने बिहार के गया जिले में मातम घोल दिया है। कोयला भट्टी में हुए जोरदार धमाके और गैस रिसाव की चपेट में आने से गया के डुमरिया प्रखंड के 6 मजदूरों की मौत हो गई। रोटी कमाने के लिए परदेस गए इन मजदूरों की मौत की खबर जैसे ही उनके गांव ‘गोटीबांध’ पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। इस हृदयविदारक घटना में पिता-पुत्र समेत 6 लोगों ने जान गंवाई है, जबकि 5 अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं।

भट्टी में विस्फोट और गैस रिसाव बना काल
घटना गुरुवार सुबह की है जब बलौदाबाजार स्थित स्टील प्लांट में मजदूर काम कर रहे थे। अचानक कोयला भट्टी के पास एक भीषण विस्फोट हुआ, जिसके बाद जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। आग और धुएं के गुबार के बीच मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

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मृतकों की सूची: श्रवण कुमार (22), राजदेव कुमार (22), जितेंद्र (37), बदरी भुइयां (42), विनय भुइयां (40) और सुंदर भुइयां (40)।

पिता-पुत्र की मौत: इस हादसे में सुंदर भुइयां और उनके युवा बेटे राजदेव की एक साथ मौत हो गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

मासूमों के सिर से उठा पिता का साया
हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। मृतक जितेंद्र की मात्र चार महीने की बेटी है, जिसने अभी अपने पिता को ठीक से पहचाना भी नहीं था। वहीं, विनय भुइयां अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और चार बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी की और उन्हें धोखे में रखकर वहां काम पर लगाया था।

केंद्रीय मंत्री ने जताया शोक, न्याय की मांग
हादसे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से बात कर मृतकों के शवों को जल्द से जल्द गया लाने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया है। गया के नक्सल प्रभावित डुमरिया प्रखंड में इस घटना के बाद से किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है।

यह घटना एक बार फिर बिहार के उन हजारों मजदूरों की असुरक्षित कार्यप्रणाली और मजबूरी को उजागर करती है, जो बेहतर भविष्य की तलाश में दूसरे राज्यों के जोखिम भरे कारखानों में अपनी जान गंवा देते हैं।

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