मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने की DFO संग बैठक, पर्यावरण बचाने के लिए जन भागीदारी पर दिया जोर

हर रविवार-पर्यावरण के नाम अभियान को जन आंदोलन बनाने पर दिया जोर

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

पटना। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने प्रदेश के सभी जिला वन अधिकारियों (डीएफओ) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) प्रभात कुमार गुप्ता, विशेष सचिव कंवल तनुज समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई और राज्यभर में पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विचार-विमर्श किया गया।

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मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने विशेष रूप से “हर रविवार – पर्यावरण के नाम” अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनता की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि “हर परिवार को अपने किसी प्रियजन के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाना चाहिए और उसकी पूरी देखभाल करनी चाहिए। यदि हर व्यक्ति इस मुहिम में भागीदारी निभाए, तो बिहार को हरा-भरा बनाया जा सकता है।”

वृक्षारोपण और वन संरक्षण पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान राज्य में चल रही वृक्षारोपण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिला स्तर पर वृक्षारोपण को लेकर चल रहे अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाएं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल वृक्षारोपण करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा, “वन हैं तो जीवन है। वृक्षारोपण केवल पर्यावरण की रक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि जलवायु संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।”

पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी पर जोर

मंत्री ने यह भी कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण संभव नहीं है। इसके लिए आम जनता, सामाजिक संगठनों, स्कूल-कॉलेजों और अन्य संस्थानों को भी सक्रिय रूप से आगे आना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि पंचायत स्तर पर ग्राम सभाओं में पर्यावरण संरक्षण को प्रमुख मुद्दा बनाया जाए और हर व्यक्ति को इस मिशन से जोड़ा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पर्यावरण जागरूकता के लिए स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय समुदायों में विशेष अभियान चलाए जाएं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस मुहिम से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एक दीर्घकालिक प्रयास है और इसके लिए निरंतर जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

बिहार में हरित क्षेत्र विस्तार की दिशा में नई पहल

मंत्री ने बैठक में यह भी घोषणा की कि वे स्वयं राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे और पर्यावरण संरक्षण की जमीनी हकीकत को समझेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि “हर रविवार – पर्यावरण के नाम” अभियान को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जाए और ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में इसे सफल बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार केवल वृक्षारोपण अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दीर्घकालिक योजना के तहत प्रदेश में वन संरक्षण और जलवायु संतुलन बनाए रखने के लिए नई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें और इसे प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने में मदद करें।

हरित बिहार के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिनमें प्रमुख रूप से –

  • वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाना
  • स्थानीय निकायों, पंचायतों और स्कूलों को इस अभियान से जोड़ना
  • वनों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनों को लागू करना
  • हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं बनाना

उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार को और अधिक हरा-भरा बनाने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि “हमारा लक्ष्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि एक हरित और स्वस्थ भविष्य की नींव रखना है।” बैठक के अंत में मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी निष्ठा से करें और यह सुनिश्चित करें कि वृक्षारोपण अभियान को हर स्तर पर बढ़ावा मिले। बिहार सरकार की यह पहल राज्य के पर्यावरण सुधार में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने में मदद करेगी।

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