CHO पेपर लीक का मास्टरमाइंड अरेस्ट,100 करोड़ कमाने की थी योजना.

City Post Live

पूरा सेंटर ही मैनेज करा लिया था,

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में कदाचारमुक्त परीक्षा कराना एक बड़ी चुनौती बन गई है. सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी यानि सीएचओ (CHO) भर्ती ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाला मास्टरमाइंड रवि भूषण को पुलिस ने दबोच लिया है. शशि कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. ईओयू (EOU) ने नेपाल तक उनका पीछा किया लेकिन  चार महीने बाद  पटना में उन्हें दबोच लिया गया है.. पटना में दोनों वकील से मिलने गए थे. अब ईओयू दोनों से एक साथ पूछताछ कर रही है. अब तक 38 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

राज्य स्वास्थ्य समिति ने 4500 पदों पर बहाली निकाली थी. धांधली की शिकायत के बाद बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति ने परीक्षा रद्द कर दी थी. यह परीक्षा अब तक आयोजित नहीं हुई है. यह परीक्षा 1 और 2 दिसंबर 2024 को होनी थी.  बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से रविवार (1 दिसंबर) को आयोजित सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी यानि सीएचओ (CHO) की परीक्षा रद्द कर दी गयी थी. इस परीक्षा से पहले ऑनलाइन सेंट्रो पर गड़बड़ी के कई साक्ष्य के मिले थे. इसी वजह से 4500 पदों पर CHO की बहाली के लिए होने वाली परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया था.

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परीक्षा में धांधली करने वाले माफियाओं के पास 25 हजार अभ्यर्थियों का डेटा था. उन्होंने यह डेटा परीक्षा कराने वाली एजेंसी से मिलीभगत करके हासिल किया था.  इस पेपर लीक के मास्टरमाइंड परीक्षा माफिया रवि भूषण और अलुत प्रभाकर बताए जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इन आरोपियों ने फर्जीवाड़े की कहानी अगस्त 2024 से ही रचनी शुरू कर दी थी. इन्होंने सेंटर अलॉट होने के बाद से ही एजेंसी के अधिकारियों से मिलीभगत करके धांधली की योजना बना ली थी. जानकारी के अनुसार माफियाओं ने परीक्षा केंद्र अलॉट करने के लिए प्रत्येक केंद्र से 4-4 लाख रुपये वसूले थे. उनका टारगेट 4500 हेल्थ अफसर की बहाली में फर्जी तरीके से करीब 2 हजार की बहाली कराना था. हर अभ्यर्थी से इसके लिए 5-5 लाख रुपए वसूलने की बात सामने आई है. पूरे खेल से ये माफिया 100 करोड़ रुपए कमाने वाले थे.

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