पूर्व भाजपा विधायक रामसूरत राय के नेतृत्व में आयोजित भव्य मेले ने अब एक विवादित मोड़ ले लिया है। जिस मेले की चर्चा इसकी भव्यता को लेकर हो रही थी, वह अब थिएटर के मंच पर हुई महिला कलाकारों के बीच हिंसक झड़प के कारण सुर्खियों में है।
रणक्षेत्र बना सांस्कृतिक मंच;
मेले के दौरान आयोजित थिएटर कार्यक्रम में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मामूली विवाद के बाद महिला डांसरों के बीच मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते मर्यादा की सीमाएं लांघ दी गईं और कलाकार एक-दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने लगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मंच एक जंग के मैदान में तब्दील हो गया, जिसे देख वहां मौजूद दर्शक दंग रह गए।
हाई-प्रोफाइल आयोजन पर उठे सवाल;
यह घटना इसलिए भी अधिक चर्चा में है क्योंकि इस मेले का उद्घाटन बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी द्वारा किया गया था। पूर्व विधायक रामसूरत राय के संरक्षण में चल रहे इस आयोजन में वीआईपी चेहरों की मौजूदगी ने इसे हाई-प्रोफाइल दर्जा दिया था, लेकिन इस शर्मनाक वाकये ने आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक;
स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने मेले के प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि इतने बड़े आयोजन में थिएटर जैसे संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल या बाउंसर क्यों नहीं थे? भीड़भाड़ वाले स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर हो रही इस अराजकता का जिम्मेदार कौन है? फिलहाल इस मामले में पुलिस या मेला समिति की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। लेकिन मोबाइल कैमरों में कैद यह ‘दंगल’ सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे प्रशासनिक मुस्तैदी की पोल खुलती नजर आ रही है।