सिटी पोस्ट लाइव
शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाले और महिला सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले शिक्षकों के खिलाफ मुजफ्फरपुर शिक्षा विभाग ने अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना ली है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमार अरविंद सिन्हा ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया है कि अश्लील मैसेज भेजने, छेड़खानी करने या अनुशासनहीनता बरतने वाले शिक्षकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने ऐसे मामलों में निलंबन से लेकर सेवा समाप्ति और कानूनी कार्रवाई तक का निर्णय लिया है।
जांच में सही पाए गए आरोप, शिक्षक निलंबित
हालिया मामला सकरा प्रखंड की एक शिक्षिका से जुड़ा है, जिन्होंने कुढ़नी प्रखंड के बीपीएससी (BPSC) शिक्षक दीपक कुमार के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। डीईओ के निर्देश पर डीपीओ द्वारा कराई गई जांच में अश्लील चैटिंग के आरोप शत-प्रतिशत सही पाए गए। साक्ष्यों के आधार पर विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक दीपक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसी तरह का एक अन्य मामला मड़वन प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय से सामने आया है, जहाँ पंचायत शिक्षक संतोष पर महिला शिक्षिकाओं को अश्लील संदेश भेजने और विरोध करने पर उन्हें धमकाने का आरोप है। विभाग ने इस मामले में भी सख्ती दिखाते हुए नियोजन इकाई से उनके निलंबन की अनुशंसा कर दी है।
छात्रा से शादी और हेडमास्टर की मनमानी पर भी एक्शन
जिले में बढ़ती अनुशासनहीनता ने विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पूर्वी क्षेत्र के एक शिक्षक द्वारा अपने ही स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा से शादी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस शादी के लिए शिक्षक लंबे समय तक बिना सूचना के अवकाश पर चले गए थे।
वहीं, पश्चिमी क्षेत्र के एक विद्यालय में हेडमास्टर और एक अन्य शिक्षक की अनुचित गतिविधियों की शिकायत ग्रामीणों ने की थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद दोनों के स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
DEO की चेतावनी: “मर्यादा भूलने वालों की खैर नहीं”
डीईओ कुमार अरविंद सिन्हा ने कहा कि हाल के दिनों में महिला शिक्षिकाओं द्वारा प्रताड़ना की शिकायतों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “शिक्षक समाज का दर्पण होते हैं, लेकिन कुछ लोग अपनी गरिमा भूलकर अनुशासनहीन आचरण कर रहे हैं। ऐसे मामलों का निष्पादन अब त्वरित गति से होगा ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और शिक्षा व्यवस्था की छवि धूमिल न हो।”