सिटी पोस्ट लाइव : पिछले विधान सभा चुनाव में आरजेडी ने NDA को बिहार में कड़ी टक्कर दी थी.NDA को 125 तो महागठबंधन को 115 सीटें मिली थीं. सबसे ज्यादा नुकसान नीतीश कुमार की जेडीयू को हुआ था. पिछली बार के मुकाबले जेडीयू की 28 सीटें घट गईं और वह 43 सीटों पर आ गई.बीजेपी 21 सीटों के फायदे के साथ 74 सीटों पर पहुंच गई.आरजेडी 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ा दल बनकर उभरा. उसके नेतृत्व वाले महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं.बीजेपी को 20 25 के चुनाव में कड़ा मुकाबले का डर सता रहा है.इसे आसान बनाने के लिए बीजेपी विशेष रणनीति पर काम कर रही है.
देश भर में बिहार के 2 करोड़ लोग दुसरे राज्यों में रहते हैं.उनमे से डेढ़ करोड़ बिहार के मतदाता हैं.इसबार बीजेपी उनके जरिये बिहार चुनाव में महागठबंधन को चुनौती देना चाहती है.प्रवासी बिहारियों को बीजेपी अपना समर्थक मानती है.उन्हें चुनाव के दौरान बिहार लाने के लिए, उनके माध्यम से बिहार में रह रहे उनके परिजनों को साधने के लिए बीजेपी बड़ी तैयारी कर रही है.23 मार्च को बिहार दिवस के मौके पर प्रवासी बिहारियों को साधने के लिए सरकार देश के 65 स्थानों पर बिहार दिवस के बहाने एक सप्ताह का कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है.in कार्यक्रमों में अमित- शाह जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता मंत्री शामिल होगें.
बिहार NDA को पिछले विधान सभा चुनाव में 1 करोड़ 57 लाख वोट मिले थे .अगर वो डेढ़ करोड़ प्रवासी बिहारियों को साधने में कामयाब हो जाती है तो उसकी जो आज मुश्किल दिखाई दे रही है बहुत आसान हो जायेगी.गौरतलब है कि पिछले चुनाव में NDA और महागठबंधन के बीच करीबी मुकाबला था.अब पांच साल का एंटी-इनकम्बेंसी और जुड़ गई है.जाहिर है टाइट फाइट की संभावना है.ऐसे में प्रवासी बिहारी चुनाव को NDA के पक्ष में कर सकते हैं.