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मधेपुरा के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र में राजग गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं। लोजपा (रा) के प्रदेश सचिव चंदन सिंह ने जदयू नेता और विधानसभा उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव के खिलाफ बगावती रुख अपनाया है। चंदन सिंह ने बुधवार से “बदलाव रैली” शुरू की। जिसमें उन्होंने क्षेत्र में विकास की कमी और जनता की शिकायतों को मुद्दा बनाया। नारेंद्र नारायण यादव 1995 से लगातार आलमनगर से विधायक हैं और राजग की मजबूती पर जोर दे रहे हैं।
वहीं चंदन सिंह ने कहा कि वे एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि स्थानीय लोगों को अनदेखा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर क्षेत्र में विकास नहीं होगा तो बदलाव जरूरी है। चंदन सिंह की दो दिवसीय रैली नयानगर, शहजादपुर, बुधमा, आलनगर नगर पंचायत, खुरहान, खापुर, गंगापुर, इटहरी और चौसा प्रखंड की फुलौत तक जाएगी। गुरुवार को लौआलगान, बाबा विशु राउत मंदिर, अरजपुर पंचायत होते हुए यात्रा आलनगर पानी टंकी मैदान में समाप्त होगी।
इसके साथ ही चिराग पासवान का तेवर साफ हो गया है। वे अपनी मन पसंद सीटों पर चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं और अगर गठबंधन ने उन्हें मन-माफिक सीट नहीं दी तो अकेले चुनाव में उतरने की चेतावनी भी दे चुके हैं। चिराग ने कहा है कि “बात नहीं बनी तो वे बोरिया-बिस्तर बांधकर तैयार हैं।” इससे साफ है कि आलमनगर विधानसभा सीट पर राजग की गांठ सतह पर दिखाई देने लगी है और आगामी चुनावों में जदयू-लोजपा (रा) में टकराव की संभावना बढ़ गई है।