केंद्र का सख्त कदम: ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी ऐप्स पर लगेगा ताला…

Deepak Sharma

सिटी पोस्ट लाइव

आने वाले कुछ दिनों में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स पर प्रतिबंध लग सकता है। इसे लेकर केंद्र सरकार सख्त रूख अपनाने जा रही है। केंद्र सरकार ने आज लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल पास किया है। आइए जानते है क्या है इसके पीछे की वजह।

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दरअसल, केंद्र सरकार ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स को लेकर नकेल कसने जा रही है। इसे लेकर आज यानी 20 अगस्त 2025 को लोकसभा में प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पेश किया। यह बिल ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने और रियल-मनी गेम्स पर पाबंदी लगाने के लिए है। ऐसे में फैंटेसी स्पोर्ट्स जैसे ड्रीम-11, रमी, पोकर आदि सब पर ताला लग सकता हैं। वहीं, ड्रीम-11 भारतीय क्रिकेट टीम की लीड स्पॉन्सर भी है। अगर संसद में ये बिल सक्सेस हो गया, तो सभी मनी बेस्ड ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लग जाएगी। हालांकि, इस बिल में कई सारे नियम है। अगर कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करता है,चलाता है, या प्रचार करता है तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। लेकिन ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी। वहीं, खास अथॉरिटी तैयार की जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी। साथ ही गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये जानकारी देगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है। इसके कारण पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को भी बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैँ। मनी बेस्ड गेम पर बैन पर सरकार का कहना है- “मनी बेस्ड ऑनलाइन गेमिंग की वजह से लोगों को मानसिक और आर्थिक नुकसान हो रहा है। कुछ लोग गेमिंग की लत के कारण अपनी जिदंगी तक गंवा दिए। और कुछ मामलों में तो आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।”

गौरतलब है कि ऐसा करने से केंद्र सरकार को हर साल करोड़ों रुपए के टैक्स का नुकसान हो सकता है। इसके साथ हीं 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। बता दें कि, भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता है। लेकिन पाबंदी लगने से ड्रीम 11, गेम्स 24×7, विंजो, गेम्सक्राफ्ट जैसी बड़ी कंपनियां घाटे में आ जाएगी। ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF), ई-गेमिंग फेडरेशन (EGF) और फेडरेशन ऑफ इंडियन फैंटेसी स्पोर्ट्स (FIFS) इस बिल के खिलाफ हैं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को “प्रोग्रेसिव रेगुलेशन” लाए जाने की मांग की है। वैसे कोर्ट ने इसे लेकर कहा है कि स्किल बेस्ड गेम्स जैसे फैंटेसी स्पोर्ट्स और रमी को जुआ नहीं कहा जा सकता।

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