मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सारण जिले के विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला-2025 का निरीक्षण किया, जो हर वर्ष गंगा और गंडक के संगम तट पर आयोजित होता है। दौरे के दौरान उन्होंने मेला सह प्रदर्शनी क्षेत्र का विस्तृत अवलोकन किया और आपदा प्रबंधन विभाग, आर्ट एंड क्राफ्ट ग्राम, महिला एवं बाल विकास निगम तथा जीविका के स्टॉलों पर पहुँचकर उत्पादों और प्रदर्शित योजनाओं की जानकारी ली।
मेला परिसर में मौजूद कारीगरों और स्टॉल संचालकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं से उन्हें बड़ा सहारा मिला है। खासकर जीविका दीदियों ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ को महिलाओं की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि इस योजना ने न केवल उन्हें आजीविका का स्थायी साधन दिया है, बल्कि समाज में सम्मान और पहचान भी दिलाई है। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका समूहों और अन्य लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। जीविका दीदियों के समूह को 42 लाख 53 हजार रुपये की राशि सौंपी गई। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को मेला परिसर में सफाई, सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला केवल एक सांस्कृतिक परंपरा नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हजारों छोटे व्यापारी और कारीगर यहाँ अपने पारंपरिक उत्पाद बेचकर आजीविका कमाते हैं। यह मेला स्थानीय कारीगरों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच दिलाने वाला एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है।
बता दें कि सोनपुर मेला देश का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है, जहां हाथी, घोड़े, ऊंट, गाय, भैंस, कुत्ता, तोता, मैना सहित अनेक पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री होती है। इसके अलावा मेला में घुड़दौड़, कुश्ती, नौकायन जैसी गतिविधियों के साथ-साथ रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय कलाकारों को अपने हुनर को प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। मेला के आयोजन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पर्यटन विभाग और सारण जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके साथ ही कोल इंडिया और सशस्त्र सीमा बल जैसी संस्थाओं की प्रदर्शनियां भी आगंतुकों को आकर्षित करती हैं, जिससे मेला एक सांस्कृतिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में पूरी तरह जीवंत बन जाता है।
सोनपुर मेले में नीतीश कुमार की सौगात, जीविका दीदियों को मिली बड़ी राहत…