नेहा कक्कड़ के हालिया गीत ‘कैंडी शॉप’ को लेकर हालिया विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। पंजाब राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (SCPCR) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को रेफर कर दिया है।

विवाद का मुख्य कारण:
शिकायतकर्ता डॉ. धनेंद्र शास्त्री का आरोप है कि इस गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द (जैसे ‘कैंडी’ और ‘लॉलीपॉप’) बच्चों को आकर्षित करते हैं, लेकिन वीडियो का फिल्मांकन और डांस मूव्स अत्यधिक अश्लील और आपत्तिजनक हैं। उनका दावा है कि:
– यह गीत बच्चों के मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
– यह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 2019 के उस आदेश का उल्लंघन है, जो बच्चों के लिए हानिकारक कंटेंट पर रोक लगाता है।
– इसे यूट्यूब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाया जाना चाहिए।

दिग्गजों की प्रतिक्रियाएं:
| व्यक्तित्व | स्टैंड | मुख्य तर्क |
| मालिनी अवस्थी (लोक गायिका) | विरोध | उन्होंने इसे ‘घटिया’ और ‘निंदनीय’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कलाकार टीवी पर बच्चों के रोल मॉडल (जज) बनते हैं, वे ऐसा कंटेंट कैसे बना सकते हैं? |
| काका (पंजाबी सिंगर) | समर्थन | उन्होंने नेहा का बचाव करते हुए कहा कि वर्तमान में मार्केट की मांग इसी तरह के गानों की है। |
| सोशल मीडिया यूजर्स | विरोध | कई यूजर्स ने इसे ‘बी-ग्रेड कंटेंट’ करार दिया और कहा कि यह परिवार के साथ देखने लायक नहीं है। |
आयोग की कार्रवाई:
– पंजाब बाल अधिकार आयोग ने माना है कि यह मुद्दा केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि देश भर के बच्चों के अधिकारों से जुड़ा है।
– आयोग के पास सिविल कोर्ट के समान अधिकार हैं और वह बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2005 के तहत स्वतः संज्ञान ले सकता है।
– अब दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयोग (NCPCR) तय करेगा कि नेहा कक्कड़ और इस गाने के निर्माताओं के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि विवादों के बावजूद, नेहा और टोनी कक्कड़ के इस गाने ने 3 हफ्तों में 20 मिलियन (2 करोड़) से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए हैं। हालांकि, कमेंट सेक्शन में प्रशंसा के बजाय आलोचनात्मक टिप्पणियों की भरमार है।