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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सीमांचल की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रहे एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महागठबंधन और विशेषकर लालू प्रसाद यादव के परिवार पर तीखा सियासी हमला बोला है। किशनगंज में एक विशेष इंटरव्यू के दौरान, ओवैसी ने न केवल तेजस्वी यादव को उनकी आलोचना के लिए जवाब दिया, बल्कि लालू परिवार की आंतरिक कलह को चुनावी मुद्दा बनाते हुए बड़ा बयान दिया।
लालू परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे मतभेदों पर टिप्पणी करते हुए ओवैसी ने कहा, “मैं साफ कहना चाहता हूं जिस घर में खुद एकता नहीं है, वो बिहार की जनता को क्या एकजुट करेगा? लालू यादव ने एम-वाई (मुस्लिम-यादव) गठबंधन के नाम पर 15 साल बिहार पर शासन किया। उनकी पत्नी मुख्यमंत्री बनीं, बेटा तेजस्वी डिप्टी सीएम रहा और दूसरा बेटा मंत्री। लेकिन आज वही दोनों भाई (तेजस्वी और तेज प्रताप) एक-दूसरे के खिलाफ हैं। अगर एक परिवार में ही सद्भाव नहीं, तो जनता का भला कैसे करेंगे?”
तेजस्वी को ‘कट्टरपंथी’ कहने पर दिया करारा जवाब
तेजस्वी यादव द्वारा उन्हें ‘कट्टरपंथी’ कहे जाने पर ओवैसी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने का सपना देखने से पहले अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। ओवैसी ने कहा, “उन्होंने मुझे ‘कट्टरपंथी’ कहा। ये शब्द उनके दिल की नफरत दिखाते हैं। अगर वे सच में जनता की सेवा करना चाहते हैं, तो पहले अपने मन की नफरत निकालें।”
ओवैसी ने ‘आई लव मोहम्मद’ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह आखिरी सांस तक अपनी आस्था के नाम पर बोलते रहेंगे, क्योंकि वह इंसाफ की राजनीति करते हैं।
बिहार में असली मुद्दा ‘सीमांचल’
राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ वाले मुद्दे पर टिप्पणी करने से बचते हुए ओवैसी ने बिहार में असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि बिहार में असली मुद्दा सीमांचल है, जहां की जनता से नफरत की जा रही है और उन्हें ‘घुसपैठिया’ कहा जाता है। उन्होंने सीमांचल की समस्याओं को गिनाते हुए कहा कि यहां के लोग सालों से बाढ़, भूमि कटाव, बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की नाकामी और भ्रष्टाचार से परेशान हैं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जाता।
ओवैसी ने अपनी पार्टी की प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता सीमांचल का विकास करना, शिक्षा और स्वास्थ्य सुधारना और इस क्षेत्र के लोगों को सम्मान दिलाना है।
गठबंधन और राजनीतिक सफर
अपने चुनावी गठबंधन पर बात करते हुए ओवैसी ने पुष्टि की कि वह इस बार चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी और स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ मिलकर ‘लोकतांत्रिक गठजोड़’ के नाम से चुनाव लड़ रहे हैं।
इसके अलावा, ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर भी मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान राहत शिविरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और अफजल अंसारी की परिवारवाद की राजनीति और बार-बार पार्टी बदलने के लिए आलोचना की। ओवैसी ने दावा किया कि सीमांचल के लोग अब समझ चुके हैं कि कौन उनके लिए बोलता है और कौन उन्हें सिर्फ चुनावी मोहरा बनाता है।