सिटी पोस्ट लाइव
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक बड़ा हमला बोला। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि अगर फर्जी वोटों के आधार पर चुनाव हुए हैं, तो लोकसभा को भंग करके दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए।
पप्पू यादव ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए कहा, “पटना में 3:50 वोटर गायब हैं, एक महीने में 22 लाख लोग मर गए, 35 लाख लोग मिसिंग हैं, और 7 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट में दो-दो जगह हैं।” उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए कहा कि अगर इन फर्जी वोटों के दम पर सभी जीते हैं, तो लोकसभा भंग कर चुनाव में चलें।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि की किस्त जारी करने पर भी तंज कसा। पप्पू यादव ने कहा, “यह जनता का पैसा है, खैरात नहीं है”, लेकिन भाजपा हर छोटी-बड़ी बात का राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के पैसे को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है।
सांसद ने महाराष्ट्र, दिल्ली और आधार कार्ड से जुड़े मामलों पर भी केंद्र सरकार की नीतियों को घेरा। पटना में बढ़ती आपराधिक घटनाओं और हाल ही में जानीपुर में भाई-बहन को जिंदा जलाए जाने की घटना पर उन्होंने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “नेता मस्त, जनता त्रस्त… किसी को फर्क नहीं पड़ता।”
पप्पू यादव ने चेतावनी दी कि वह इन मुद्दों पर सदन को नहीं चलने देंगे और उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सच्चाई सामने आएगी। उनके इन आरोपों ने बिहार की राजनीतिक गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।