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पटना। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने 57वें जन्मदिन को बेहद खास अंदाज में मनाया। उन्होंने इस दिन को गरीब महिलाओं और बच्चों के साथ बिताया, जो उनके लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी का अहसास भी था। पप्पू यादव ने जन्मदिन की शुभकामनाएं प्राप्त करते हुए कहा, “मेरे लिए यह खुशी का नहीं, बल्कि समाज के हर उस तबके के साथ खड़े होने का दिन है, जिन्हें सच्ची मदद और बदलाव की जरूरत है।”
जन्मदिन के इस खास मौके पर पप्पू यादव ने बिहार की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “बिहार की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां सरकार का कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद निर्णय नहीं ले पा रहे हैं और राज्य में सशक्त नेतृत्व की कमी महसूस हो रही है। लोग भगवान के भरोसे जी रहे हैं।” उनका यह बयान बिहार के लोगों के दर्द को उजागर करता है, जहां आम जनता अपने हालात को सुधारने के लिए हर दिन संघर्ष कर रही है।

पप्पू यादव ने बिहार के युवाओं और अभ्यर्थियों की समस्याओं को उठाते हुए बीएससी अभ्यर्थियों की मांग को भी प्रमुखता से रखा और कहा, “इस प्रदेश में जो युवा अपनी मेहनत और संघर्ष से भविष्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उनकी आवाज को सरकार अनसुना कर रही है। हम उनके लिए भी संघर्ष करेंगे।”
आने वाले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पप्पू यादव ने एक आशावादी रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “हम 2025 में बिहार में बदलाव देखेंगे, जहां एक नई राजनीति और समाज के प्रति संवेदनशीलता होगी। हम अपने राज्य के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे।”
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आगे कहा,”मेरे लिए यह जन्मदिन सिर्फ खुशी का नहीं, बल्कि समाज की आवाज बनने का दिन है। बिहार को बदलाव की जरूरत है और मैं इसके लिए हर संभव प्रयास करूंगा।”