श्मशान घाट पर मिलेगी गरमा-गरम कचौड़ी और जलेबी! पटना के नए ‘मोक्ष धाम’ में मिलेंगी ये 13 खास सुविधाएं

Ritu Raj

पटना के बांस घाट में बने अत्याधुनिक (हाई-टेक) श्मशान घाट का उद्घाटन नीतीश कुमार ने अपनी “समृद्धि यात्रा” के समापन अवसर पर किया। इसे बिहार का पहला आधुनिक सुविधाओं से लैस श्मशान घाट माना जा रहा है, जो पारंपरिक व्यवस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं का संतुलन प्रस्तुत करता है। अब इसके सुचारु संचालन की तैयारी अंतिम चरण में है।

इस शवदाह गृह परिसर को इस तरह विकसित किया गया है कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यहीं पर खाने-पीने की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके लिए एक व्यवस्थित कैंटीन बनाई गई है, जहां पूड़ी, जलेबी, सब्जी, वेज थाली, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, लौंगलत्ता, हिंग कचौड़ी, समोसा, चाय और पानी की बोतल सहित कुल 13 प्रकार के खाद्य पदार्थ उपलब्ध रहेंगे। इन सभी वस्तुओं को निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे किसी प्रकार की मनमानी या अधिक वसूली न हो सके। इस व्यवस्था से शोक संतप्त परिवार और उनके साथ आए लोगों को परिसर के बाहर भटकना नहीं पड़ेगा। इस परियोजना का निर्माण पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अंतर्गत कराया गया है, जबकि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी बुडको को दी गई थी। निर्माण के बाद इसके रखरखाव और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए बुडको को ही अगले 5 वर्षों तक जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, संचालन के लिए ईशा फाउंडेशन से बातचीत चल रही है, ताकि पूरे सिस्टम को सुव्यवस्थित तरीके से चलाया जा सके।

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श्मशान घाट परिसर में “मोक्ष द्वार” के पास अंत्येष्टि से संबंधित सभी आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें कपड़ा, राम नाम पट्टी, धोती, साड़ी, घी, चंदन और देवदार की लकड़ी, अगरबत्ती, कपूर, गुलाब जल, पंचमेवा, हवन सामग्री, माचिस, जौ आदि शामिल हैं। कुल मिलाकर करीब 45 प्रकार की सामग्री यहां मिलेगी। इन सामग्रियों के लिए टेंडर (कोटेशन) मांगे गए हैं, ताकि लोगों को उचित कीमत पर गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं मिल सकें। यहां पारंपरिक विधि से अंतिम संस्कार की पूरी सुविधा उपलब्ध रहेगी। लोग चाहें तो लकड़ी के सहारे पारंपरिक तरीके से शवदाह कर सकते हैं या आधुनिक तकनीक का उपयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए लकड़ी की व्यवस्था भी निर्धारित दरों पर की गई है—जैसे सखुआ और आम की लकड़ी 40-40 किलो के पैकेज में उपलब्ध होगी, साथ ही “झलसी पौधा” भी मिलेगा। इस तरह, बांस घाट का यह हाई-टेक श्मशान घाट न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, बल्कि यह व्यवस्था लोगों के कठिन समय में सहूलियत, पारदर्शिता और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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