; विधानसभा घेरने जा रहे जनसुराज कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
सिटी पोस्ट लाइव :पटना में विधानसभा घेरने जा रहे जनसुराज कार्यकर्ताओं पर बुधवार को पुलिस ने जमकर लाठीचार्ज कर दिया. सभी नेता हाथ में पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए प्रशांत किशोर के नेतृत्व में शेखपुरा हाउस से निकले थे.पुलिस ने पटेल गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर सभी को रोक दिया.कुछ कार्यकर्ताओं को तो पुलिस ने गर्दनीबाग की तरफ भेंज दिया लेकिन हजारों कार्यकर्त्ता पटेल चौक पर रुक गये.यहाँ नहीं रोके जाने पर प्रदर्शनकारी सीधे विधान सभा या फिर मुख्यमंत्री आवास पहुँच सकते थे. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया.इस बीच प्रशांत किशोर पहुँच गये.प्रशांत किशोर सुरक्षा घेरे को तोड़कर आगे बढ़ने लगे.जब डीएसपी ने रोकने की कोशिश की तो भड़क गये. PK ने डीएसपी को खूब खरी-खोटी सुनाई . कहा कि, इतना दम है कि तुम लोग लाठी चलाओगे. आओ हमको मारो.
लाठीचार्ज के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि, ‘अभी ये जंग की शुरुआत है. अभी 3 महीने चुनाव में बचे हैं. इनका जीना हराम कर देंगे. बिहार की जनता बदलाव चाहती है. ये लोग सदन और पुलिस के पीछे छिप नहीं सकते हैं. किसके आदेश पर लाठीचार्ज किया गया. मैं खड़ा हूं मुझ पर चलाओ लाठी.’लाठीचार्ज के बाद भी प्रशांत किशोर कार्यकर्ताओं के साथ 2 घंटे तक वहां डटे रहे. उसके बाद एक बार फिर से प्रशांत किशोर ने अपने समर्थकों के साथ फिर से विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने फिर से उन्हें रोक दिया.इसके बाद प्रशांत किशोर पटेल गोलंबर से शेखपुरा हाउस के लिए निकल गए. उन्होंने कहा था, अगर सीएम नीतीश कुमार नहीं मिलेंगे तो हम लोग सीएम हाउस को घेर लेंगे.
प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘पुलिस कुछ नहीं कर सकती है। एक लाख आदमी लाकर घर को घेर लेंगे। वो निकल नहीं पाएंगे. नीतीश कुमार विधानसभा में नहीं मिलेंगे तो उनके घर पर जाकर मिलेंगे. बिना मिले नहीं रहेंगे. यह तो बस शुरुआत है. आगे देखते रहिए क्या-क्या होता है.प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा, ‘राज्य सरकार की नाकामी और उदासीनता के खिलाफ यह जनआंदोलन किया जा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से विधानसभा तक जाने की अनुमति नहीं मिली, जिससे जन सुराज के सभी कार्यकर्ता गर्दनीबाग जा रहे हैं.’
SP दीक्षा ने कहा कि ‘स्थिति कंट्रोल से बाहर थे, तभी थोड़ी धक्का मुक्की हुई है. हमें नहीं पता था कि यह इस प्रकार बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ेंगे. अब भी ये लोग प्रतिबंधित क्षेत्र में बैठे हैं, जो गलत है.’ जन सुराज पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार ने गरीब और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी. अब तक किसी को एक रुपया भी नहीं मिला है. सरकार ने दलित और महादलित परिवारों को 3 डिसमिल जमीन देने की योजना की घोषणा कई साल पहले की थी. आज भी राज्य के अधिकतर दलित भूमिहीन परिवार ज़मीन के इंतजार में हैं. भूमि सर्वेक्षण में भ्रष्टाचार- जन सुराज पार्टी ने भूमि सर्वेक्षण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.पार्टी का कहना है कि भ्रष्ट अधिकारियों और दलालों की मिलीभगत से गरीब किसानों और जरूरतमंद परिवारों की जमीन हड़पी जा रही है.