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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को बहुप्रतीक्षित नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (Navi Mumbai International Airport – NMI) का उद्घाटन करेंगे। यह परियोजना मुंबई महानगरीय क्षेत्र में एक प्रमुख एविशन हब के रूप में विकसित की गई है और एक बार पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा।
उद्घाटन और परिचालन की समय सारणी
नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दोपहर 2:40 बजे किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार के भूमि विकास प्राधिकरण सिडको (CIDCO) के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विजय सिंघल ने शनिवार को एक ब्रीफिंग में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उद्घाटन के बाद, हवाई अड्डा दिसंबर से पूरी तरह परिचालन में आ जाएगा। यह घोषणा यात्रियों और कार्गो दोनों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आई है।
इससे पहले, हवाई अड्डे को विमानन सुरक्षा नियामक DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से 30 सितंबर को अपना एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हो चुका है, जो इसके संचालन के लिए आवश्यक अंतिम मंजूरी है।
परियोजना की विशालता और हिस्सेदारी
यह हवाई अड्डा मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) में सेवा देने वाला दूसरा एयरपोर्ट होगा और इसका एयरपोर्ट कोड ‘NMI’ है। परियोजना का विकास नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा कई चरणों में किया जा रहा है। इस परियोजना में अडानी समूह (Adani Group) की 74 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि शेष 26 प्रतिशत हिस्सेदारी महाराष्ट्र सरकार के सिडको (CIDCO) के पास है। यह साझेदारी सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की सफलता को दर्शाती है।
हवाई अड्डे की क्षमता: एशिया के सबसे बड़े हब में शुमार
यह नया हवाई अड्डा अपनी विशाल क्षमता के कारण वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएगा।
यात्री क्षमता: एक बार पूरी तरह से बन जाने के बाद, यह हवाई अड्डा हर साल 90 मिलियन (9 करोड़) यात्रियों को सेवा प्रदान करने में सक्षम होगा।
कार्गो प्रबंधन: साथ ही, यह प्रति वर्ष 3.2 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो का प्रबंधन कर सकेगा।
इन विशाल क्षमताओं के साथ, नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा एशिया के सबसे बड़े एविएशन हबों में से एक बन जाएगा, जिससे न केवल मुंबई और महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इसका परिचालन शुरू होने से मुंबई पर मौजूदा हवाई अड्डे के बोझ को कम करने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में व्यापार एवं पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।