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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत से पहली बार ‘मेड इन इंडिया’ लोकोमोटिव का निर्यात करेंगे। यह लोकोमोटिव बिहार के सारण जिले स्थित मारहौरा डीजल लोकोमोटिव प्लांट में निर्मित किया गया है और इसे गिनी गणराज्य को निर्यात किया जाएगा। यह कदम भारत के ‘मेक इन इंडिया—मेक फॉर द वर्ल्ड’ अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
मारहौरा प्लांट पहले केवल भारतीय रेलवे के लिए लोकोमोटिव बनाता था, लेकिन अब बढ़ी हुई क्षमता के साथ, भारत ने वैश्विक लोकोमोटिव निर्यात बाजार में कदम रखा है। इस परियोजना के तहत, गिनी गणराज्य को 150 लोकोमोटिव प्रदान किए जाएंगे, जो सिमान्डो आयरन ओर खदान परियोजना के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
मारहौरा प्लांट में तैयार किए गए इन आधुनिक लोकोमोटिव में हाई-हॉर्सपावर इंजन और एसी प्रोपल्शन सिस्टम जैसे उन्नत तकनीकी फीचर्स शामिल हैं। इनके संचालन के लिए माइक्रोप्रोसेसर आधारित कंट्रोल सिस्टम लगाया गया है, जिससे संचालन और नियंत्रण में अत्यधिक दक्षता प्राप्त होती है।
साथ ही, एर्गोनोमिक कैब डिज़ाइन के चलते चालक को आरामदायक और सुरक्षित वातावरण मिलता है, जबकि रेजेनरेटिव ब्रेकिंग टेक्नोलॉजी से ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। ये सभी लोकोमोटिव स्टैंडर्ड गेज पर आधारित हैं, जो कि वेस्टर्न यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में अत्यधिक मांग में हैं। इसलिए इनका वैश्विक बाजार में विशेष महत्व है।
इस निर्यात परियोजना के माध्यम से मारहौरा डीजल लोकोमोटिव प्लांट में 2000 से 2500 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बिहार दौरे के दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस और वैशाली-देवरिया रेलवे लाइन परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे, जो कि बिहार और ओडिशा में अधोसंरचना विकास को नया आयाम देगा।