प्रशांत किशोर का तीखा हमला: “बिहार के युवा आयोग नहीं, रोजगार चाहते हैं”

Deepak Sharma

नीतीश सरकार की योजनाओं पर बोला बड़ा हमला, वोटर लिस्ट रिवीजन को बताया ‘राजनीतिक षड्यंत्र’

सिटी पोस्ट लाइव
जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा गठित युवा आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा, “बिहार का युवा आयोग नहीं, रोजगार चाहता है। अब युवा ठगे नहीं जाएंगे।”

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उन्होंने 2015 में नीतीश कुमार द्वारा किए गए बेरोजगारी भत्ते के वादे पर तंज कसते हुए पूछा, “कितने युवाओं को ₹1000 भत्ता मिला?” उन्होंने स्पष्ट कहा कि आयोग बनाकर सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है, असल में सत्ता के चारों ओर बैठे मंत्री और अधिकारी सिर्फ अपने परिवार के लोगों को नौकरी दिलवाते हैं।

बिहार में हालिया पुलिस एनकाउंटर पर चिराग पासवान द्वारा उठाए गए सवालों पर उन्होंने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जिसने मारा है, उसका एनकाउंटर हुआ है, लेकिन किन परिस्थितियों में हुआ, यह स्पष्ट जानकारी आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।”

महिलाओं को सरकारी नौकरी में 35% आरक्षण देने की नई घोषणा पर भी उन्होंने हमला बोला और कहा, “2015 में ही 30% आरक्षण का प्रावधान था। अब नीतीश कुमार उसी पुराने ऐलान को दोहराकर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।”

वोटर लिस्ट रिवीजन पर बड़ा बयान
वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर प्रशांत किशोर ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा वोटर लिस्ट गलत है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी लिस्ट से चुने गए हैं। “अगर यह सूची गलत है, तो मोदी जी को इस्तीफा देकर फिर से चुनाव में आना चाहिए।”

उन्होंने चेतावनी दी कि वोटर लिस्ट का नया रिवीजन बिहार के उन गरीबों और प्रवासियों को बाहर कर देगा जो अब एनडीए के खिलाफ वोट देने के लिए वापस आ सकते हैं। उन्होंने इसे एक “सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र” बताया, जिसका सीधा लाभ सरकार को मिलेगा। “बिहार की व्यवस्था खराब कर लोगों को बाहर भेजा गया, अब डर के कारण उनका नाम काटा जा रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, लोकतंत्र की हत्या है।”

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