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झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन के निधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने शिबू सोरेन के बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान एक भावुक क्षण देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रधानमंत्री मोदी के सामने भावुक हो गए और उनका हाथ पकड़कर रोने लगे। प्रधानमंत्री मोदी ने हेमंत सोरेन को सांत्वना दी और इस दुख की घड़ी में उनके परिवार को ढांढस बंधाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा, “शिबू सोरेन एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में तरक्की की।”
शिबू सोरेन का निधन झारखंड की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है। उनके सम्मान में झारखंड विधानसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है और राज्य सरकार ने तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की है।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिबू सोरेन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने सर गंगाराम अस्पताल जाकर शिबू सोरेन के अंतिम दर्शन किए और हेमंत सोरेन व उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को सांत्वना दी। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “शिबू सोरेन एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में तरक्की की। वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों को सशक्त बनाने के लिए विशेष रूप से समर्पित थे।” राष्ट्रपति मुर्मू ने उनके निधन को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में एक बड़ी क्षति बताया।
अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर सोमवार शाम लगभग 4 बजे रांची लाया जाएगा और उनके मोरहाबादी स्थित आवास पर रखा जाएगा। मंगलवार सुबह 11 बजे उनके पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद उसे रामगढ़ जिले में उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा।
अस्पताल के बयान के अनुसार, शिबू सोरेन को 19 जून से नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉ. एके भल्ला ने बताया कि “वह गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे और डेढ़ महीने पहले उन्हें स्ट्रोक हुआ था। पिछले एक महीने से वह जीवन रक्षक प्रणाली पर थे।”
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
शिबू सोरेन के निधन पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा समेत तमाम नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक ऐसे महान नेता के रूप में याद किया, जिन्होंने आदिवासी समुदायों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और झारखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।