कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल ने कहा कि वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि पार्टी की जांच में ऐसे चौंकाने वाले सबूत सामने आए हैं, जिन पर भरोसा करना मुश्किल है। राहुल ने कहा कि एग्जिट पोल में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिल रहा था, लेकिन नतीजों में उलटफेर हुआ। अब हमारे पास ऐसे डेटा हैं जो साबित करते हैं कि हरियाणा में पोस्टल वोट और असल वोट में बड़ा अंतर था।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस उम्मीदवारों ने शिकायत की थी कि वोटिंग प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ है। इसी के बाद पार्टी ने पूरे मामले की गहराई से जांच करने का फैसला किया। राहुल ने कहा- “हमने जो देखा, वह चौंकाने वाला था। शुरुआत में हमें खुद भरोसा नहीं हुआ, इसलिए टीम को कई बार डेटा क्रॉस-चेक करने को कहा गया। लेकिन जब नतीजे सामने आए, तो साफ हो गया कि हरियाणा में चुनावी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं।” आगे कहा कि यह मामला केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभर में लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाली प्रवृत्ति का हिस्सा है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य में लाखों वोट चोरी हुए और वोटर लिस्ट में फर्जी नाम जोड़े गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा—“हमारी जांच में तो हरियाणा की वोटर लिस्ट में ब्राजील की एक मॉडल तक का नाम निकल आया, जिसने 10 बूथों पर 22 बार वोट डाला।” उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब एग्जिट पोल्स में कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत दिखाया जा रहा था, तो नतीजों में ऐसा उलटफेर कैसे हुआ? यह सिर्फ एक चुनाव का मामला नहीं है, बल्कि युवाओं के अधिकारों का सवाल है। उनके वोट चुराए जा रहे हैं, उनकी आवाज दबाई जा रही है। कांग्रेस आने वाले दिनों में “एच फाइल्स” के जरिए डेटा और सबूत सार्वजनिक करेगी, ताकि देश यह देख सके कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कैसे कमजोर किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक राज्य या एक चुनाव का नहीं है, बल्कि पूरे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा—“अगर चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान निष्पक्ष नहीं रहेंगे, तो लोकतंत्र की बुनियाद हिल जाएगी। जब वोट चोरी होंगे, जब फर्जी वोटर लिस्ट बनेगी, जब असली मतदाता का अधिकार छीना जाएगा—तो यह केवल एक पार्टी का नुकसान नहीं, बल्कि देश की आत्मा पर चोट है।”
दरअसल, राहुल ने चुनाव आयोग से जवाब मांगते हुए कहा कि आयोग को यह स्पष्ट करना होगा कि आखिर एक ही व्यक्ति की तस्वीरें बार-बार वोटर लिस्ट में कैसे आ गईं, सीसीटीवी फुटेज क्यों हटाई गई और डुप्लीकेट वोटर हटाने वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा- यह अब तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित चुनावी धांधली का मामला है। अगर आयोग के पास ईमानदारी है, तो वह खुद जांच कराए और सच्चाई सामने लाए। अंत में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी। उन्होंने युवाओं और मतदाताओं से अपील की यह लड़ाई किसी पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने की है। अगर आज हम चुप रहे, तो कल आपका वोट और आपकी आवाज दोनों छिन जाएंगे।