रामनवमी को लेकर पूरे बिहार में दो दिनों के लिए हाई अलर्ट, उन्माद फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश

Rahul
By Rahul

सिटी पोस्ट लाइव

पटना। रामनवमी के अवसर पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय ने पूरे बिहार में दो दिनों (5 और 6 अप्रैल) के लिए हाई अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान सभी जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सके और किसी प्रकार की सामाजिक अशांति न फैले। राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) और जिलाधिकारियों (डीएम) को स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बना रहना चाहिए।

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कानून व्यवस्था को बिगाड़ने या धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश हैं। ऐसे लोगों पर न केवल मुकदमा दर्ज किया जाएगा, बल्कि आवश्यकतानुसार उन्हें गिरफ्तार भी किया जाएगा। इस दौरान डीजे बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। आदेश में कहा गया है कि रामनवमी के जुलूस या अन्य आयोजनों में डीजे का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करती है, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी और प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

रामनवमी के अवसर पर जहां-जहां शोभायात्राएं निकलेंगी, वहां विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भीड़ पर नियंत्रण रखा जा सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से निपटा जा सके। इसके अलावा, राज्यभर के सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषकर जिन स्थानों पर पूर्व में तनाव या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, उन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

राज्य सरकार ने अति संवेदनशील इलाकों में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती का भी आदेश जारी किया है, जिससे किसी भी आपात स्थिति से त्वरित रूप से निपटा जा सके। सभी जिला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरी तरह से सतर्क रहेंगे और लगातार निगरानी करते रहेंगे, ताकि रामनवमी का पर्व शांतिपूर्वक और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह धार्मिक पर्व सभी समुदायों के बीच एकता और शांति का प्रतीक बने रहे, और किसी भी प्रकार की अशांति या अफवाहों को फैलने से पहले ही नियंत्रित किया जा सके।

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