सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ गुरुवार को सुपौल पहुंची। इस यात्रा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के शामिल होने से इसे और भी गति मिली। INDIA अलायंस की यह महत्वपूर्ण पहल मतदाताओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने और ‘वोट चोरी’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
सुपौल से मधुबनी तक का सफर, आज की सभा सकरी बाजार में
यह ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का 10वां दिन है। सुबह 8 बजे यात्रा सुपौल के हुसैन चौक से शुरू हुई। आज का रूट सुपौल से शुरू होकर मधुबनी जिले के अलग-अलग हिस्सों जैसे फुलपरास, झंझारपुर और सकरी बाजार से होकर गुजरा। यात्रा के दौरान फुलपरास में लोहिया चौक पर एक संक्षिप्त ब्रेक लिया गया, जबकि दोपहर का भोजन खुला मैदान, फुलपरास में निर्धारित किया गया था। शाम को, सकरी बाजार, मधुबनी में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जहां INDIA अलायंस के शीर्ष नेताओं ने स्थानीय लोगों को संबोधित किया।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है यह यात्रा
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी की उपस्थिति ने इस यात्रा की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा दिया है। चारों नेताओं का एक साथ मंच साझा करना यह दिखाता है कि INDIA अलायंस बिहार में अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए पूरी तरह से एकजुट है। इस यात्रा के माध्यम से, अलायंस बिहार के विभिन्न हिस्सों के मतदाताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत हो सके। स्थानीय लोगों में भी इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसका संदेश लोगों तक पहुंच रहा है।
दरभंगा में होगा रात्रि विश्राम
आज की यात्रा का समापन दरभंगा में होगा, जहां जिबछ घाट हाई स्कूल, गौसा घाट में रात्रि विश्राम निर्धारित किया गया है। यह यात्रा न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का एक प्रयास है, बल्कि बिहार की राजनीतिक दिशा को भी प्रभावित करने की क्षमता रखती है। नेताओं के तय कार्यक्रम के अनुसार, आज शाम 4 बजे यात्रा मोहना, झंझारपुर से फिर से शुरू हुई और शाम 7:30 बजे सकरी बाजार अंडरब्रिज पर एक और छोटा ब्रेक लिया गया। यह यात्रा आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्रों से होकर गुजरेगी, जिससे बिहार की राजनीति में गर्माहट बनी रहेगी।