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भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह के साथ मना रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड के दौरान एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहनावा और उनका विशेष ‘साफा’ चर्चा का केंद्र बना रहा। हर साल की तरह इस बार भी प्रधानमंत्री ने अपनी परंपरा को कायम रखते हुए एक बेहद आकर्षक और पारंपरिक राजस्थानी पगड़ी पहनी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

राजस्थानी साफा और नीले कुर्ते का अनूठा संगम
प्रधानमंत्री मोदी अपने 10 साल से भी लंबे कार्यकाल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को अपने पहनावे के जरिए प्रदर्शित करते आए हैं। इस वर्ष उन्होंने सतरंगी रंगों वाली ‘राजस्थानी पगड़ी’ चुनी, जो जीवंत रंगों और पारंपरिक बंधेज कला का अद्भुत नमूना थी। इस पगड़ी पर सुनहरे जरी का काम और क्लासिक ‘टाई-एंड-डाई’ पैटर्न था, जो उनके लुक में राजसी भव्यता जोड़ रहा था। अपने इस लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने नीले रंग का लेयर्ड कुर्ता और जैकेट सेट पहना था, जो क्षेत्रीय शिल्प कौशल और राष्ट्रीय समारोह की गरिमा के बीच एक बेहतरीन संतुलन बना रहा था।


विदेशी मेहमानों का भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी ने कर्तव्य पथ पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत किया। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से भी बेहद खास रहा। प्रधानमंत्री ने यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा का गर्मजोशी से स्वागत किया। इन वैश्विक नेताओं की उपस्थिति ने भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और यूरोपीय संघ के साथ मजबूत होते रिश्तों को प्रदर्शित किया।
सांस्कृतिक पहचान बना पीएम का पहनावा
प्रधानमंत्री का साफा अब केवल एक पहनावा नहीं, बल्कि गणतंत्र दिवस समारोह की एक पहचान बन चुका है। कर्तव्य पथ पर मौजूद हजारों की भीड़ और टेलीविजन के जरिए देख रहे करोड़ों देशवासियों की नजरें इसी बात पर टिकी थीं कि इस बार पीएम किस प्रदेश की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करेंगे। राजस्थानी साफा पहनकर उन्होंने मरूधरा की समृद्ध विरासत को नमन किया और उत्सव के माहौल में रंगों की छटा बिखेर दी।